उत्तराखण्ड में खनन माफियाओं पर भारी पड़ रहा कैबिनेट मंत्रालय, पुलिस कर्मियों की जमकर पिटाई

उत्तराखण्ड में खनन माफियाओं पर भारी पड़ रहा कैबिनेट मंत्रालय, पुलिस कर्मियों की जमकर पिटाई

संवाददाता, देहरादून। सत्ता जिसकी उसका राज इसी तर्ज पर उत्तराखण्ड में एक खनन माफिया का साथ देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कुंडेश्वरी थाना इंचार्ज को खनन माफियाओं से बेरहमी से पिटवाया। कभी खनन का बेताज बादशाह कहे जाने वाले और पोंटी चड्डा के हत्यारोपी नामधारी के राइट हैंड वर्तमान में प्रदेश के खेल एवं शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की खुली गुंडागर्दी आज जनपद उधमसिंह नगर के कुंडेश्वरी थाने में देखने को मिली।

माफियाओं के सहारे अरविन्द कर रहा खुली गुंडागर्दी

देश में आचार संहिता लगी हुई है ऐसे में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने अपने साथ माफियोओं की टोली जुटाकर कुंडेश्वरी पुलिस थाना इंचार्ज के साथ न केवल गाली—गलौज की, बल्कि हाथापाई भी की। इस हाथापाई में थाना इंचार्ज नीचे गिर गए, उन्होंने किसी तरह से अपने ऑफिस में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई। हालांकि सीओ और कोतवाल के पहुंचने के बाद मामला शांत हो गया। शिक्षा मंत्री और खनन माफियाओं का हाई बोल्टेज ड्रामा करीब आधे घंटे तक चला।

पुलिस बनी रहती है चाटुकार

आमतौर पर आम जनता से गाली गलौज कर रौब गालिब करने वाली पुलिस अपने स्आफ के साथ मारपीट होने पर चुपचाप नजारा देखती रहती है यही हुआ उस दिन भी। हालाकि एसएसपी बरजिंदर जीत सिंह ने यह स्वीकार किया कि पुलिसकर्मी के साथ मारपीट हुई है लेकिन कार्रवाई क्रूा हुई इसका कोई अभी तक पता नहीं है।

एसएसपी ने एसएचओ को कर दिया था लाइन हाजिर

ज़िले के कड़क एसएसपी बरजिंदर जीत सिंह ने अवैध खनन और अवैध वसूली की शिकायत पर कुंडेश्वरी थाना इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया था। जिसके बाद अर्जुन गिरी गोस्वामी को थाना इंचार्ज बनाया गया था। खनन कारोबारियों ने आरोप लगाया कि थाना इंचार्ज क्षेत्र में अपनी तानाशाही कर रहा है। मनमाने तरीके से अंडरलोड वाहन भी सीज किए जा रहे हैं। किसी को भी पकड़कर पीटा जा रहा है। इस बात को लेकर खनन कारोबारी मंगलवार को भड़क उठे। पहले उन्होंने कुंडेश्वरी स्थित हाइडिल पर मीटिंग कर रोष जताया। जहां शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के साथ सभी खनन कारोबारी पैदल कुंडेश्वरी पुलिस थाना पहुंचे।

पद शिक्षा मंत्री का, काम गुंदागर्दी का

विरोध करने वाले माफिया थाना इंचार्ज गोस्वामी को देख खनन कारोबारी भड़क उठे। उन्होंने शिक्षा मंत्री के संरक्षण में थाना इंचार्ज को न केवल गाली—गलौज की बल्कि भीड़ ने उनके साथ हाथापाई की और वर्दी फाड़ दी। किसी तरह एसएसआइ ने अपने ऑफिस में बने छोटे कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर जान बचाई। एसएसआइ अर्जुन तब तक कमरे से बाहर नहीं आया जबतक सीओ मनोज कुमार ठाकुर और कोतवाल चंचल शर्मा मौके पर नहीं पहुंच गए। सीओ और कोतवाल से भी खनन कारोबारी और शिक्षा मंत्री ने एसआइ के व्यवहार पर नाराजगी जताई। कोतवाल शर्मा के मामला सही कराने के आश्वासन के बाद शिक्षा मंत्री पांडेय के साथ सभी खनन कारोबारी चौकी से बाहर चले गए। इस मौके पर थाने पर करीब 500 खनन कारोबारी मौजूद रहे।

पहले भी एसआई को जला दिया था जिंदा

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी कालाढूंगी में भाजपा समर्थकों ने थाने में आग लगा दी थी और एक एसआई को ज़िंदा जला दिया था। अब देखना ये है कि जीरो टॉलरेंस वाली त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार में क्या पुलिस थानों और चौकियों में भी पिटेगी जबकि भीड़ का नेतृत्व उन्हीं के मंत्रिमंडल के सदस्य कर रहे हो।