September 18, 2021 7:53 am
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कुंभ में कोरोना टेस्टिंग में घोटाला, हाउस नंबर 5 कि आखिर क्यों हो रही है चर्चा?

haridwar scham कुंभ में कोरोना टेस्टिंग में घोटाला, हाउस नंबर 5 कि आखिर क्यों हो रही है चर्चा?

shakil 1 कुंभ में कोरोना टेस्टिंग में घोटाला, हाउस नंबर 5 कि आखिर क्यों हो रही है चर्चा?

 

शकील अनवर, संवाददाता

उत्तराखंड: हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान हुए कोरोना टेस्टिंग में घोटाले का मामला सामने आया जिसके बाद घोटाले की जांच शुरू हुई जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं। करीब 1600 पन्नों की जांच रिपोर्ट में एक लाख से अधिक रिपोर्ट के फर्जी होने के प्रमाण मिले हैं। जिनकी हरिद्वार में टेस्ट नहीं हुई बल्कि उनका आधार कार्ड और फोन नंबर लेकर कोरोना रिपोर्ट निगेटिव चढ़ा दी गई। हालांकि शुरुआती जांच के बाद घोटाले के सबूतों के देखते हुए स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर को विस्तृत जांच करने के लिए कहा है। लेकिन यह मेला प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है कि आखिर कैसे कुंभ मेले जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में कोरोना टेस्टिंग घोटाला किया गया।

हरिद्वार का हाउस नम्बई 5, जहां हुए 530 टेस्ट

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक शुरुआती जांच जो देहरादून में की गई है उसमें एक ही मोबाइल नंबर पर 700 से अधिक सैंपल भेज दिए गए। यही नहीं हरिद्वार के हाउस नंबर 5 का वह घर भी चर्चा में है जहां से करीब 530 सैंपल जांच के लिए लिए गए। टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में 1600 रिपोर्ट भेज दी गई। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात और अन्य राज्यों से भी सैंपल दर्शाए गए हैं। उनके या तो नंबर फर्जी हैं या फिर वह लोग जिनके टेस्ट हुए हैं वह कभी हरिद्वार आए ही नहीं।

हरिद्वार सीडीओ कर रहे हैं जांच

वहीं इस मामले की जांच हरिद्वार के सीडीओ सौरभ गहरवार कर रहे हैं जिन्हें 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देनी है। वहीं जिस लैब और एजेंसी को की जांच रिपोर्ट में यह घोटाला सामने आया है। वह कुंभ मेला के स्वास्थ विभाग ने हायर की थी। जिसको ठेका देने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मेला स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया के मैक्स कॉरपोरेशन नाम की संस्था को कुंभ के दौरान टेस्टिंग के लिए ठेका दिया गया था। यह संस्था नालवा लैब हिसार और लालचंदानी लैब्स दिल्ली से टेस्टिंग करा रही थी। कुंभ के दौरान इस संस्था ने करीब सवा लाख टेस्टिंग की है। जबकि कुंभ मेला स्वास्थ विभाग और जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार करीब चार लाख लोगों की टेस्टिंग कुंभ के दौरान हुई है। इससे साफ है की नलवा और लालचंदानी लैब्स जिनके टेस्ट में फर्जीवाड़ा पाया गया है।

जिलाधिकारी रविशंकर ने बताया की अभी किसी लाइफ का पैसा नहीं दिया गया है और बजट को रोकने के आदेश दिए गए हैं जांच पूरी होने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त लैब को ही टेस्टिंग का जिम्मा दिया जाना था तो फिर थर्ड पार्टी मैक्स कॉर्पोरेशन को किस आधार पर काम करने के लिए अनुमति दी गई। आपको बता दें की कुंभ मेला में स्वास्थ विभाग ने 9 टेस्टिंग लैब और जिला प्रशासन ने 13 टेस्टिंग लैब को हायर किए थे।

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