उत्तराखंड सरकार
सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को एक शानदार तोहफा दिया है. उत्तराखंड में अब बालिग बेटियां भी संपत्ति में मालिकाना हक पाएंगी, उन्हें पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलेगा. इस फैसले के बाद राजस्व रिकॉर्ड में उनका भी नाम दर्ज होगा. बुधवार को उत्तराखंड कैबिनेट की मीटिंग हुई. जिसमें राज्य की सभी बालिग महिलाओं को भूमि का मालिकाना हक देने का नीतिगत फैसला लिया गया है. कैबिनेट ने एक कमेटी भी बनाई है. जो भूमि के खातों में महिलाओं को खातेदार बनाने संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के विषय में अपने सुझाव देगी. मुख्य सचिव को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. कमेटी में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री), सचिव राजस्व और सचिव न्याय को शामिल किया गया है.
यह कमेटी महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व देने पर विचार करेगी और अगली कैबिनेट की बैठक में अपनी रिपोर्ट रखेगी. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ये घोषणा की थी. बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सैद्धांतिक तौर पर निर्णय ले लिया गया.
राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश की 37 लाख बालिग बेटियां लाभान्वित होंगी. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना हक देने संबंधी फैसले पर विचार करेगी. अगली कैबिनेट मीटिंग में कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इस तरह जमीन-संपत्ति में महिलाओं को मालिकाना हक देने को लेकर सैद्धांतिक निर्णय ले लिया गया है. अब कमेटी अपने सुझाव देगी. जिस पर विचार कर अगली बैठक में जरूरी निर्णय लिया जाएगा. राज्य सरकार के इस फैसले से महिलाओं के आत्मनिर्भर होने की राह खुलेगी. पहाड़ की बेटियां भी अपने भाईयों की तरह पिता की संपत्ति में बराबर की हकदार होंगी. राज्य सरकार द्वारा उठाया गया ये कदम महिलाओं को सशक्त बनाएगा. उन्हें समानता के अधिकार के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा.

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