destroying crops फसलों को नष्ट करने वाले बंदरों के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकार उठज्ञयेगी ये कदम

देहरादून। उत्तराखंड में 1.5 लाख से अधिक बंदर हैं और उनके द्वारा फसलों को नष्ट करने के कारण, उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से उन्हें हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर वर्मिन घोषित करने की अनुमति मांगी है।

वर्मिन घोषित होने के बाद बंदरों को मारा जा सकता है। यह बात गुरुवार को उत्तराखंड विधानसभा में वन और वन्यजीव मंत्री, हरक सिंह रावत ने कही। देवप्रयाग विधायक, विनोद कंडारी ने विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में बंदरों से हुए नुकसान के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य के पास चिडियापुर, रानीबाग और अल्मोड़ा में बंदरों के लिए तीन बचाव केंद्र हैं। इन केंद्रों में अब तक 7093 बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार, राज्य सरकार ने चमोली और अल्मोड़ा में दो बड़े बचाव केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “ये केंद्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं जो बंदरों को एक प्राकृतिक एहसास देंगे।

एक पूरक प्रश्न उठाते हुए, रानीखेत के विधायक, करण माहरा ने गहरे जंगलों में छोड़े जाने से पहले सिमी के चिकित्सा जांच के बारे में जानने की मांग की। मंत्री ने कहा कि वन विभाग ने वेट के 27 पद सृजित करने का निर्णय लिया है।

 

Trinath Mishra
Trinath Mishra is Sub-Editor of www.bharatkhabar.com and have working experience of more than 5 Years in Media. He is a Journalist that covers National news stories and big events also.

सदन में 2,534 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश, जानें किस मद में मिला कितना बजट

Previous article

किसानों के गन्ना भुगतान को लेकर विधानसभा में गहमा-गहमी, बिफरे कांग्रेसी

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.