Capture 4 उत्तराखंड: सीएम रावत ने 28 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को राजकीय आदर्श विद्यालय डीडीहाट जनपद पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में कुल 28 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। जिसमें 19 करोड़ 65 लाख 42 हजार रूपये की लागत की 07 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं 42 करोड़ 65 लाख 45 हजार रूपये की लागत के 21 विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पं.दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनान्तर्गत 02 प्रतिशत ब्याज दर पर 275 किसानों को एक करोड़ 70 लाख रूपये के ऋण के चैक वितरित किए गये।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में कृषि विभाग मैकेनाइजेशन योजनान्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि यंत्र पावर वीडर अनुदान के अंतर्गत वितरित किए गए। मुख्यमंत्री द्वारा पशुपालकों को 40 लाख 95 हजार रूपये के चैक वितरित किए गए। इस अवसर पर डीडीहाट वन क्षेत्रान्तर्गत हिंसक वन्यजीवों द्वारा मारे गये पालतू मवेशियों के 07 वारिसों को 81 हजार रूपये के बैंक ड्राफ्ट/चैक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर आपदा रेस्क्यू वाहन जिसमें आपदा से संबंधित समस्त उपकरण, रैस्क्यू सामग्री उपलब्ध रहेगी को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एक वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता से वादा किया था कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र को प्राथमिकता देंगे। राज्य सरकार द्वारा अपने एक वर्ष के कार्यकाल में तीनों क्षेत्रों में कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस एक वर्ष में शत्-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गयी। 1000 चिकित्सकों की नियुक्ति के लक्ष्य के सापेक्ष 1141 चिकित्सकों की तैनाती की गयी और आने वाले समय में राज्य के सभी चिकित्सालयों में चिकित्सकों की तैनाती की जायेगी। स्वास्थ्य सेवाएं को सुदृढ़ करने हेतु प्रत्येक जिले में आई.सी.यू. स्थापित की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में टेलीमेडिसन एवं टेली रेडियोलाॅजी की शुरूआत की गयी है। वर्तमान में राज्य के 22 चिकित्सालयों को टेली रेडियोलाॅजी तथा 36 चिकित्सालयों को टेलीमेडिसन सेवा से जोड़ दिया गया है।मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य की परिस्थितियों के अनुकूल एवं यहां की आवश्यकताओं के अनुसार प्राथमिकताएॅ निर्धारित की जा रही है। इस एक वर्ष में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र को प्राथमिकता से लिया, आज प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय में प्राचार्य की तैनाती की गयी है। राज्य के सभी तकनीकी संस्थानों जिसमें पाॅलीटैक्निक में सभी प्रधानाचार्यों को अधिकार दिये गये है कि वह रिक्त पदों पर अपने स्तर से स्थानीय योग्य, अनुभवी अध्यापकों की तैनाती कर लें।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा में सुधार हेतु उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। जिसने एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यक्रम लागू किया। जिससे यहां के छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध होने के साथ ही अभिभावकों का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है। माननीय न्यायालय द्वारा राज्य सरकार के इस निर्णय को सराहा गया है। राज्य में एक जैसी शिक्षा व्यवस्था लागू की गयी है। सरकार द्वारा बच्चों के हित में बेहतर निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिये आवासीय विद्यालय खोला जा रहा है। जिसमें एक कुमांऊ मण्डल तथा एक गढ़वाल मण्डल में स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 राज्य में रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। युवाओं  को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे है। रोजगार के अवसर बढ़ाए जायेंगे, गांवों में रोजगार के स्रोत बढ़ाये जाने हेतु प्रत्येक न्याय पंचायत को ग्रोथ सैन्टर के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं में किसी भी प्रकार की बीमारी न हो इस हेतु प्रत्येक जनपद में इस वर्ष सेनेटरी नैपकीन यूनिट स्थापित की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की गई।

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