September 19, 2021 1:08 am
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उत्तराखंड बजट सत्र 2020: 25 मार्च तक के लिए सदन की कार्रवाई स्थागित

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देहरादून। शनिवार को सदन नियम 300 में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं सामने रखीं। जिसके बाद दोपहर में एक बजे विधानसभा अध्यक्ष ने 25 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।  वहीं शुक्रवार को बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार कर्ज लेकर कर्ज की भरपाई कर रही है। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के बाद सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं को बढ़ा दिया है, लेकिन बजट में योजनाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की।

इंदिरा हृदयेश ने 300 बसों की खरीद का मुद्दा उठाया और कहा कि तीन बार की जांच के बाद और बजट में व्यवस्था होने के बाद भी सरकार इन बसों को नहीं खरीद पाई। इंदिरा ने कहा कि इन स्थितियों को देखते हुए लगता है कि सीएम को खुद ही बसों को खरीदने जाना पड़ेगा। प्रदेश में सड़कों की हालत बेहद खराब है। सड़कों की मरम्मत के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की भी सीख थी कि बजट में जितनी व्यवस्था हो सके, सरकार को घोषणा उतनी ही करनी चाहिए।

इंदिरा ने कहा कि सरकार को करीब 40 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का सामना भी करना पड़ रहा है। सरकार कर्ज लेकर कर्ज का ब्याज भुगत रही है। सरकार के पास पैसा नहीं है तो वह लोकलुभावन वादों को कहां से पूरा करेगी। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि सरकार का यह बजट विकासपरक है। सबसे बड़ा फैसला चार धाम में उचित व्यवस्था के लिए देवस्थानम बोर्ड का गठन है।

जंगली जानवरों से फसल नुकसान की समस्या को देखते हुए अब जैविक खेती पर सरकार का फोकस है। इसको बढ़ाने की जरूरत है। बजट पर चर्चा में इसके अलावा विधायक हरबंस कपूर, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा, गंगोत्री विधायक केदार सिंह रावत आदि शामिल हुए। बजट चर्चा शनिवार को भी जारी रहेगी।

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