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यूपी में पंचायत सहायक भर्ती, आवेदन से लेकर नियुक्ति तक समझिए पूरी प्रक्रिया

यूपी में पंचायत सहायक भर्ती, आवेदन से लेकर नियुक्ति तक समझिए पूरी प्रक्रिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों में 58189 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इसमें 10वीं और 12वीं पास पुरुष और महिला अभ्यर्थियों को पंचायत सहायक/एकाउंटेंट कम डाटा इंट्री ऑपरेटर पदों पर चुना जाएगा। हर ग्राम पंचायत पर एक पंचायत सहायक तैनात होगा।

संविदा पर होगी नियुक्ति

यह भर्ती हाईस्‍कूल व इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर मेरिट के माध्‍यम से संपन्‍न होगी। इसमें अभ्यर्थी का उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी होगा, जिससे वह आवेदन कर रहा है। उसकी उम्र 18 से 40 वर्ष की होनी चाहिए। ओबीसी, एसटीव एससी अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। ये पंचायत सहायक एक वर्ष के लिए संविदा पर रखे जाएंगे, जिन्‍हें 6000 रुपये महीना मानदेय मिलेगा। चयनित पंचायत सहायकों को सरकार दो माह का प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

ऐसे होगा चयन

ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक नियुक्त किए जाएंगे। खास बात यह है कि ग्राम प्रधान इसमें अपने परिवार व रिश्तेदारों को नहीं रख पाएंगे। पंचायत चुनाव में सहायक भी उसी श्रेणी का चयनित किया जाएगा, जिस श्रेणी में ग्राम पंचायत आरक्षित होंगी। इसका मतलब जिन ग्राम पंचायतों के प्रधान पद अनुसूचित जाति के हैं, वहां सहायक भी अनुसूचित जाति का ही नियुक्त होगा। सादे कागज पर आवेदन पत्र ग्राम पंचायत, संबंधित विकास खंड या जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे। इसमें आवेदक की शैक्षिक योग्‍यता, आयु एवं जाति संबंधी प्रमाण पत्र भी लगाने होंगे।

ग्राम पंचायत की प्रशासनिक समिति 10वीं व 12वीं के अंकों के परसेंटेज के आधार पर पंचायत सहायक के चयन के लिए पात्रता सूची तैयार करेगी। सबसे ज्‍यादा अंक पाने वाले अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। इसका पूर्ण विवरण डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद समिति अभ्यर्थी की पात्रता का परीक्षण कर नियुक्ति की संस्तुति कर देगी। हालांकि, अगर ग्राम पंचायत द्वारा चयनित अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता नहीं रखता है तो जिलाधिकारी की समिति ग्राम पंचायत से दूसरे अभ्यर्थी के चयन के लिए कहेगी।

हो सकती है कार्रवाई

वहीं, पंचायत सहायक की नियुक्ति संविदा पर एक साल के लिए होगी। यदि उसकी सेवाएं संतोषजनक पाई जाती हैं तो ग्राम सभा की खुली बैठक में विचार करते हुए उसकी संविदा समयावधि एक-एक साल करके दो साल तक बढ़ाई जा सकती है। वहीं, अगर पंचायत सहायक का आचरण व कार्य संतोषजनक नहीं पाया जाता तो ग्राम पंचायत उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। उसे एक महीने की नोटिस पर हटाया भी जा सकता है।

इन्‍हें मिलेगी प्राथमिकता

इस भर्ती प्रक्रिया की एक खास बात और है कि इसमें यदि किसी ग्राम पंचायत में किसी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है तो उनके परिवार से जैसे पत्नी या पति, बेटे, अविवाहित बेटी, विधवा मां, विधवा बेटी, अविवाहित भाई या अविवाहित बहन को चयन में प्राथमिकता देते हुए नियुक्ति दी जाएगी। यदि ग्राम पंचायत आरक्षण श्रेणी की है और मृतकों के परिजन उसको पूरा करते हैं व इंटरमीडिएट पास हैं तो उनको चयनित कर लिया जाएगा। वहीं, सामान्य श्रेणी की ग्राम पंचायतों में सामान्य श्रेणी के परिवारों को इसका लाभ दिया जाएगा। यदि इस श्रेणी में आवेदन एक से ज्‍यादा आते हैं तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।

पंचायत सहायकों की समय-सारणी
  • आवेदन की तारीख- दो अगस्त से 17 अगस्त
  • ग्राम पंचायतों को जमा आवेदन पत्र उपलब्ध कराने की तारीख- 18 अगस्त से 23 अगस्त
  • मेरिट लिस्ट तैयार करने की तारीख- 24 अगस्त से 31 अगस्त
  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण की तारीख: एक सितंबर से सात सितंबर
  • नियुक्ति पत्र जारी करने की तारीख- 08 सितंबर से 10 सितंबर

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