Pratapgarh Sunil Bharala 1 यूपी पंचायत चुनाव: भराला को प्रतापगढ़ कुंडा की जिम्मेदारी, वरिष्ठ नेताओं के साथ की मीटिंग

लखनऊ: यूपी में जिला पंचायत चुनाव के सीटों का आरक्षण घोषित होने के बाद सियासी पारा लगातार बढ़ता जा रहा। बीजेपी सभी जिला पंचायत सीटों पर चुनाव लड़ेगी और पार्टी की पूरी कोशिश है कि हर सीट पर कब्जा किया जाए। इसलिए बीजेपी ने हर प्रभारी मंत्री को एक-एक क्षेत्र सौंप दिया है। बाहुबली नेता और श्रम कल्याण परिषद के चेयरमैन सुनील भराला को राजा भैया का क्षेत्र प्रतापगढ़ कुंडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रभारी मंत्री की चुनाव को लेकर बैठक

जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद सुनील भराला ने लोकनिर्माण विभाग के डाक बंगला में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान सुनील भराला ने कहा कि बीजेपी कुंडा और बाबागंज में पंचायत चुनाव में पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। और जिला पंचायत सीट पर जोरदार जीत दर्ज की जाएगी। साथ ही भराला ने सख्त निर्देश दिए हैं कि, चुनाव में जो भी गड़बड़ी करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मतदाता सूची को लेकर भी मंत्री सुनील भराला ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

बीजेपी की राह नहीं है आसान

जिस तरह से मंत्री सुनील भराला जीत का दावा कर रहे हैं। हालांकि यह जीत इतनी आसान नहीं होने वाली है। आपको बतादें कि प्रतापगढ़ कुंडा राजा भैया उर्फ रघुराज प्रताप सिंह का गढ़ है। राजा भैया 1993 से लेकर अब तक प्रतापगढ़ के विधानसभा क्षेत्र कुंडा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित किए जाते हैं। उनका इतना दबदबा है कि एक इशारे पर वोटर मुड जाता है। ऐसे में सुनील भराला के सामने कड़ी चुनौत होगी कि, वह राजा भैया के किले को कैसे भेद पाते हैं।

कौन हैं राजा भैया?

1967 में जन्मे रघुराज प्रताप सिंह आगे चलकर राजा भैया के नाम से चर्चित हुए। साल 1993 से अब तक कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक चुने जाते आए हैं। अब राजा भैया ने खुद की पार्टी बना ली है। जिसका नाम जनसत्ता पार्टी लोकतांत्रिक है। राजा भैया 1993 और 1996 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी समर्थित, तो 2002 और 2007, 2012 के चुनाव में एसपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधायक चुने गए। राजा भैया, बीजेपी की कल्याण सिंह सरकार और एसपी की मुलायम सिंह सरकार में भी मंत्री बने। वर्तमान में वह यूपी सरकार के कैबिनेट में खाद्य एवं रसद मंत्री है। राजा भैया को सन 1997 में भारतीय जनता पार्टी के कल्याण सिंह के मंत्रीमंडल में कबानी मंत्री बनाया तो साल 1999 व 2000 में राम प्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह के कैबिनेट में खेल कूद एंव युवा कल्याण मंत्री बनाया गया। साल 2004 में समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की सरकार में रघुराज प्रताप खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री बने। मायावती सरकार ने राजा भैया को आतंकवादी घोषित कर रखा था, जिसमें पोटा के तहत उनके साथ-साथ उनके पिता उदय प्रताप सिंह व चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह को जेल भेज दिया गया। लेकिन अखिलेश सरकार आते ही एक बार फिर 15 मार्च, 2012 को राजा भैया यूपी सरकार के कैबिनेट में कारागार एवं खाद्य रसद मंत्री बने, लेकिन 2 मार्च 2013 को कुंडा में तीहरे हत्याकांड मामले में डीएसपी जिया उल हक के हत्या मामले राजा भैया का नाम आने पर इन्होने 4 मार्च, 2013 को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि बाद में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के प्रारंभिक जांच में ही राजा भैया निर्दोष पाए गए और क्लोजर रिपोर्ट में इन्हें क्लीन चिट मिल गई। सीबीआई की अंतरिम रिपोर्ट में राजा भैया को पूरी तरह क्लीन चिट मिल गयी और उन्हें यूपी सरकार ने सम्मान सहित एक बार कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया। यूपी गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी उनके खिलाफ मामला चल रहा है। मायावती सरकार में दिसंबर 2010 में इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

कौन हैं सुनील भराला?

भराला एक पंडित बाहुबली नेता है। वर्तमान समय में श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं। सरकार ने उन्हे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे रखा है। इसके अलावा वह प्रतापगढ़ व बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी मंत्री भी हैं। भराला पश्चिमी यूपी में जनता के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं। पार्टी के लिए कई बार आंदोलन किए और जेल भी जा चुके हैं। कई बयान देकर भराला सुर्खियों में भी रहे चुके हैं। कुछ दिन पहले भराला ने मेरठ में बयान देते हुए हिंदू परिवारों को तीन बच्चे पैदा करने की सलाह भी दी थी। भराला ने कहा था कि, हम दो हमारे पांच की नीति को हिंदुओं को अपनाना चाहिए। वायु प्रदूषण को लेकर भी अजीब बयान दिया था भराला ने कहा था कि सराकर यज्ञ कराए, इंद्रदेव प्रसन्न होंगे सब ठीक हो जाएगा।

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