फतेहपुर: जिनकी जिम्‍मेदारी वो हैं अनजान, पुलिस कर रही काम

फतेहपुर: जिले में एक ओर जहां पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की बात की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रकृति के दुश्मन हरियाली उजाड़ने पर तुले हैं। उन्हें न तो अधिकारियों का डर है और न ही पर्यावरण की चिंता। मामले पर वन विभाग की सुस्त कार्रवाई के चलते ऐसे माफिया हावी हैं। बुधवार को गाजीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में लकड़ी बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें न्यायालय भेजा गया है।

थाना क्षेत्र के बंवारा गांव का रहने वाला राजेश पुत्र शिव नंदन और खेसहन का रहने वाला सहबाज खान पुत्र सिद्दीक खान पेड़ों की कटाई करता है। साथ ही चोरी छिपे इन्हें ले जाकर जिला मुख्यालय में बेचता है। सूचना मिलने पर चौराहे पर पुलिस बल को मुस्तैद किया गया और आरोपियों के आने की प्रतीक्षा की जाने लगी। इसपर करीब दोपहर एक बजे के आसपास लकड़ियों से भरा एक ट्रैक्टर आता है दिखाई दिया।

25 बोटा लकड़ी बरामद

पुलिसकर्मियों के रोकने पर पहले तो दोनों रौब गांठने लगे, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। आरोपियों के पास से पुलिस ने 25 बोटा हरे नीम की लकड़ी बरामद की। साथ ही घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर और ट्रॉली को भी सीज कर दिया गया है। थाना प्रभारी नीरज कुमार यादव ने बताया कि, लकड़ी तस्करों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम और ट्रांजिट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए विधिक कार्रवाई की गई है।

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वन विभाग को जानकारी नहीं

जिले में वन संरक्षण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के पास है। उनके पास साधन-संसाधन सब कुछ हैं। इसके बावजूद भी उन्हें पेड़ों की कटाई के बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी आखिर क्षेत्र में क्या कर रहे हैं? विभाग की निष्क्रियता का परिणाम है कि वन माफिया धड़ल्ले से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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