फतेहपुर में स्वास्थ्यकर्मियों का विद्रोह, जानिए इसकी वजह

फतेहपुर: फतेहपुर उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीरियल एसोसिएशन ने सीएमओ कार्यालय परिसर में आंदोलन कर नारेबाजी की। उन्‍होंने यह नारेबाजी प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक पर नियम विरुद्ध स्थानांतरण का आरोप लगाते हुए की। स्वास्थ्य विभाग के लिपिक संवर्ग के कार्मिकों ने आंदोलन करते हुए मंगलवार को सीएम ऑफिस में कार्य बहिष्कार करते हुए धरना दिया।

संघ ने कार्य बहिष्कार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ नैतिक को समर्थन प्रदान करते हुए अपनी मांगों सहित दो घंटों का कार्य बहिष्कार किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिला सचिव अमित कक्कड़ ने बताया कि, कर्मचारियों के खिलाफ लगातार नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। संघ की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम सीएमओ आरपी सिंह के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। इसमें मुख्यमंत्री से मांग की गई कि स्वास्थ्य निदेशक प्रशासन चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा को निलंबित करते हुए प्रशासनिक अनियमितता की जांच करवाई जाए।

प्रशासन की मनमर्जी के खिलाफ आवाज बुलंद

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के सचिव ने कहा कि, चिकित्सा अनुभाग-दो 2015 में निर्गत शासनादेश में बताया गया है कि लिपिक वर्गीय कार्मिकों का समायोजन, स्थानान्तरण निकटवर्ती जनपद में ही किया जाए। इसके बाद भी 500 से 700 किमी दूर स्थानांतरण करना नियमों के विपरीत है। प्रशासन की मनमर्जी के खिलाफ हम लोग आवाज बुलंद करते रहेंगे। मामले पर जांच करवा कर स्वास्थ्य निदेशक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान अजय मिश्रा, सुशील मिश्रा, राहुल, आशीष श्रीवास्तव, शैलेश श्रीवास्तव, भोला प्रसाद, कल्लू, प्रकाश, राजेंद्र गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद शकीला बानो इत्यादि लिपिक मौजूद रहे।

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