UP: कोरोना से युद्ध स्‍तर पर लड़ाई, चिकित्‍सा शिक्षा विभाग ने जारी किए 100 करोड़  

लखनऊ: कोरोना से लड़ाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रणनीति पर पूरा सरकारी महकमा लगा है और संसाधनों में पल-पल इजाफा हो रहा है। पूरी मशीनरी युद्ध गति से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटी है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मेडिकल कॉलेजों, राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों और संस्थानों में दवा, टेस्टिंग, एन-95 मास्‍क और पीपीई किट के लिए 100 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

मुख्‍यमंत्री ने दिए व्‍यवस्‍थाएं और बढ़ाने के निर्देश  

सीएम योगी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रतिदिन उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर खुद समीक्षा करते हैं, जिसका परिणाम है कि प्रदेश में रोजाना न सिर्फ संसाधनों और बेडों में इजाफा हो रहा है, बल्कि पर्याप्त मात्रा में दवाइयों के साथ ऑक्सीजन भी उपलब्ध है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुख्‍यमंत्री ने इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश में दूसरी लहर आने के बाद होम आइसोलेशन की अनुमति के कारण एल-1 अस्पताल शुरू नहीं किया है। जबकि एल-2 और एल-3 अस्पताल शुरू किए गए हैं और इसमें गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक एल-2 और एल-3 अस्पतालों में 25,764 (ऑक्सीजन के साथ सामान्य बेड) और लगभग 7000 आइसीयू बेड हैं।

प्रदेश में 5000 से अधिक वेंटिलेटर

विशेष सचिव प्रांजल यादव ने बताया कि, प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता 507 मीट्रिक टन है। जबकि ऑक्सीजन का उपयोग 232 मीट्रिक टन है, जिसमें औद्योगिक उपयोग 99.6 मीट्रिक टन है। प्रदेश में वेंटिलेटर 5000 से अधिक हैं।

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि, पिछले 24 घंटे में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में एक दिन में 121 आइसीयू और एचडीयू बेड बढ़ाए गए हैं। एरा मेडिकल कॉलेज को पूर्ण रूप से कोविड हॉस्पिटल घोषित किया गया है।

केंद्र से 1500 और वेंटिलेटर मांगे गए

इसके अलावा राज्य आपदा मोचक नीति के तहत प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा विश्वविद्यालयों, राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों में दवा, टेस्टिंग और एन-95 मास्क, पीपीई किट की एक माह की आवश्यकता के लिए सौ करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव भेजकर भारत सरकार से 1500 और वेंटिलेटर मांगे हैं।

इन्हें भेजे गए सौ करोड़ रुपए

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कानपुर, आगरा, मेरठ, प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर, बांदा, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन, सहारनपुर और बदायूं मेडिकल कॉलेज, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर, केजीएमयू लखनऊ, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान नोएडा,  एसजीपीजीआइ लखनऊ और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा को सौ करोड़ रुपए की धनराशि भेजी है।

लखनऊ में बढ़ेंगे 500 से ज्यादा बेड 

इंटीग्रल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 200 बेड और तैयार किए जा रहे हैं। जबकि यहां 120 आइसीयू बेड और आइसोलेशन सहित कुल 400 बेड हो जाएंगे। टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में कल तक 150 आइसीयू और एचडीयू बेड सहित 500 बेड हो जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग मैन पावर उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। कैंसर इंस्टिट्यूट में भी 100 बेड बढ़ाने, मेयो इंस्टिट्यूट बाराबंकी में 200 से अधिक बेड क्रियाशील हैं, जिसे और बढ़ाया जा रहा है। कैरियर इंस्टिट्यूट में 50 आइसीयू बेड सहित आज शाम तक 300 बेड हो जाएंगे।

भाजपा सदर विधायक विक्रम सिंह कोरोना संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी

Previous article

बलरामपुर का ये मंदिर है अनोखा, माता सीता से जुड़ी है मान्यता

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured