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होली और पंचायत चुनाव को लेकर यूपी सरकार की कोरोना गाइडलाइंस जारी, इन बातों का रखें ध्‍यान  

होली और पंचायत चुनाव को लेकर यूपी सरकार की कोरोना गाइडलाइंस जारी, इन बातों का रखें ध्‍यान  

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। मंगलवार को ये दिशा-निर्देश मुख्‍य सचिव आर. के. तिवारी ने जारी किए हैं।

विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने के आदेश

अपर मुख्‍य सचिव अवनीश अवस्‍थी के आदेशानुसार जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, होली सहित अन्‍य पर्व-त्‍योहारों, पंचायत चुनाव और अन्‍य राज्‍यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में विशेष सतर्कता और सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

उत्‍तर प्रदेश शासन की ओर से प्रदेश के सभी मंडलायुक्‍तों, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक रेंज, लखनऊ-गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है।

इन नियमों का कराना होगा कड़ाई से पालन:
  • आगामी पर्व, त्योहारों के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरती जाएगी और किसी प्रकार के जुलूस इत्यादि प्रशासन से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही आयोजित किए जाएंगे।
  • अनुमति प्राप्त करने के बाद जुलूस या सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजक के लिए यह अनिवार्य होगा कि सामाजिक दूरी, सभी के लिए मास्क लगाना और सैनेटाइजर की व्यवस्था करें।
  • ऐसे जुलूसों व सार्वजनिक कार्यक्रमों में 60 वर्ष से अधिक व 10 वर्ष से छोटे उम्र के बच्चों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को हिस्‍सा न लेने दिया जाए।
  • कक्षा 8 तक के सभी निजी व सरकारी और गैर सरकारी स्‍कूलों में 24 मार्च से 31 मार्च तक होली का अवकाश रहेगा। अन्य शिक्षण संस्थान (मेडिकल तथा नर्सिंग कॉलेज छोड़कर) 25 मार्च से 31 मार्च तक के मध्य होली का अवकाश घोषित करेंगे, लेकिन जहां परीक्षाएं चल रही होंगी वहां परीक्षाएं सुचारू रूप से पूरी कराई जाएं।
  • जिन प्रदेशों में कोविड का संक्रमण अत्यधिक है, वहां से होली के त्यौहार के लिए घर आ रहे लोगों की कोविड जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।
  • पुलिस ट्रेनिंग स्कूल और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोंगो का बाहर आवागमन कम हो।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर और शहरों में प्रत्येक वार्ड स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी/कर्मी की तैनाती की जाए, जो ग्राम निगरानी समिति के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहर से आने वाले लोग अपनी-अपनी जांच करवाएं और जांच का परिणाम आने तक अपने घर में ही रहेंगे।
  • कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग को तेज गति से किया जाए और जो भी व्यक्ति पॉजिटिव आएं, उनके समस्त कॉन्‍टैक्‍ट (औसतन 25-30) 48 घंटे के अंदर चिन्हित करते हुए उनकी जांच कराई जाए।
  • सभी जिलों में डेडीकेटड हॉस्पिटल संचालित रहें और भविष्य के लिए अन्य अस्पतालों को भी इसके लिए नोटिस देकर तैयार रखा जाए। आवश्यक मानव संसाधन और उपकरणों की व्यवस्था की जाए। कोविड हेल्प डेस्क को फिर से सक्रिय किया जाए। इन्फ्रारेड थर्मामीटर एवं पल्स आक्सीमीटर का उपयोग करते हुए लक्षण युक्त लोगों की पहचान की जाए।
  • रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों एवं बस स्टेशनों पर यात्रियों की सघन कोविड जांच करायी जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को फिर से सक्रिय करते हुए लोगों को लगातार कोविड संक्रमण से बचने के लिए सावधानी का संदेश दिया जाए और आम जनता में कोविड वैक्सीनेशन का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए।
  • वैक्सीनेशन का काम तेज गति से किया जाए और इसके वेस्टेज को हर हाल में रोका जाए।
  • सार्वजनिक स्थलों पर भीड़-भाड़ न होने दी जाए और इसके लिए पुलिस द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएं।
  • जिलों में स्थापित इन्टीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर में प्रतिदिन जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी बैठक करें और इसमें कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाना सुनिश्चित किया जाए।
  • जब भी कोई बंदी जेल से बाहर जाए तो कारागार प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का अनुपालन हो और जब बंदी वापस आए तो उसकी कोविड जांच करा ली जाए।
  • सार्वजनिक स्थानों पर सभी व्यक्तियों द्वारा मास्क का प्रयोग करना और सोशल डिस्टेंसिंग रखना आवश्यक होगा।

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