Navneet Sehgal Sir यूपी के उद्यमियों ने वियतनाम की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ, नवनीत सहगल बोले-हम बेहतर माहौल देने को तैयार

लखनऊ। भारत और वियतनाम के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के लए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और एम्बेसी ऑफ़ वियतनाम ने”भारत-वियतनाम व्यापार और निवेश कनेक्ट पर चर्चा” का आयोजन किया। इसमें दोनों पक्षों ने यूपी में व्यापार-कारोबार की बेहतर संभावनाओं पर बात की।

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि हमने अपनी नीतियों और पारिस्थितिकी तंत्र में कई बदलाव किये हैं। यूपी में टाई-अप के लिए विभिन्न संभावनाए भी उपलब्ध हैं। हम वियतनाम के साथ सहभागिता हेतु पूर्ण सहयोग कर सकते हैं और एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठा सकते हैं।  क्योंकि वियतनाम इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में अच्छा है।
वियतनाम के राजदूत
वहां कपड़ा और कृषि आधारित उद्योगों की भी तमाम संभावनाएं हैं। हमारे पास ओडीओपी के तहत 60 उत्पाद हैं जो बड़ी संख्या में अन्य देशों में निर्यात किये जाते हैं। इस प्रकार की बैठकें एक अच्छा मंच सिद्ध हो सकती है, जहां उद्योगों के लिए उद्योग द्वारा आपस में बातचीत की जा सकती है।

यूपी सरकार, एम्बेसी के साथ किसी भी प्रकार के गठजोड़ के प्रति बहुत सकारात्मक है और एक सामान्य समूह के माध्यम से संयुक्त रूप से संभावित क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर काम कर सकता है । हम समर्थन और सहयोग के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, हम निश्चित रूप से करेंगे।

यदि वियतनाम रुचि रखता है तो हम उत्तर प्रदेश में ही इको सिस्टम की स्थापना कर सकते हैं। जिसके अंतर्गत पूंजी, जीएसटी, सब्सिडी, श्रम, प्रौद्योगिकी, भूमि की उपलब्धता, हवाई अड्डों, उचित कनेक्टिविटी, बिजली की उपलब्धता आसानी से हो सकती है। हम कृषि, कपड़ा क्षेत्र में वियतनाम के निवेश का भी स्वागत करते हैं।

यदि वियतनाम यूपी में MSME इकाइयाँ लगाता हैं, तो सभी प्रकार की सेवाएँ प्रदान की जाएगी जिसमें विभिन्न प्रोत्साहन भी शामिल हैं। यह अत्यधिक प्रसन्नता का विषय है कि ease of doing में उत्तर प्रदेश भारत के दूसरे स्थान पर  हैं।

वियतनाम से  प्रमुख वक्ता के रूप में एम्बेसडर ऑफ़ वियतनाम सैन चाऊ; हनोई एसोसिएशन ऑफ़ स्माल एंड मध्यम इंटरप्राइजेज हौंग फॉरेन इन्वेस्टमेंट एजेंसी श्री टाम तथा ट्रेड काउंसलर एम्बेसी ऑफ़ वियतनाम बुई थौंग बैठक में शामिल हुए।

आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में वियतनाम के बढ़ते महत्व के कारण भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है। भारतीय उद्योग वियतनाम में ऊर्जा, खनिज अन्वेषण, एग्रोकेमिकल्स, चीनी, चाय, कॉफी निर्माण, आईटी और ऑटो घटकों में व्यवसाय स्थापित करने की संभावनाओं की तलाश कर सकते हैं। वियतनाम निवेश के कई आकर्षक कारण प्रदान करता है।

वियतनाम के बाजार में आसानी से पहुंच, अनुकूल निवेश नीतियां, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, आर्थिक विकास, राजनीतिक स्थिरता, कम श्रम लागत और एक युवा कार्यबल कारोबार का बेहतर माहौल प्रदान करते हैं। डिफेन्स प्रोडक्शन कॉरिडोर तमिलनाडु के बाद यूपी में स्थापित किया गया है। यह क्षेत्र भारतीय MSME और हमारे समकक्ष वियतनाम के लिए अवसरों से भरा है। हम दोनों इस क्षेत्र में भी द्विपक्षीय रूप से समर्थन साझा कर सकते हैं।

हम दोनों देशों में एमएसएमई के लिए आपके साथ एक सहयोग स्थापित करना चाहते हैं ताकि विकास और संवर्धन अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। आने वाले समय में, हम कई कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं जिससे दोनों देशों के उद्यमियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

भारत में एम्बेसडर ऑफ़ वियतनाम सैन चाऊ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वियतनाम हाल ही में अपनी आर्थिक विकास दर को 3% से बढ़ाया  है जो कि अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए एक अच्छा संकेत है। भारतीय कंपनियां अपनी राजनीतिक स्थिरता के कारण वियतनाम में आसानी से निवेश कर सकती हैं।

ऐसे क्षेत्र जिनमें वियतनाम भारत से निवेश की तलाश में हैं, वे हैं ऑटोमोबाइल, ग्रेनाइट और पत्थर, कपड़ा, घरेलू उपकरण, कृषि और फार्मास्यूटिकल्स। वियतनाम भारत को आत्मनिर्भर बनाने के प्रधानमंत्री के उद्देश्य से भी प्रभावित है और भारतीय कारोबारियों को वियतनाम में अपने कार्यों को स्थापित करने के लिए आमंत्रित करता है ।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच वर्षों से द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वियतनाम को आईटी और व्यावसायिक सेवाएँ, मशीनरी उपकरण, इस्पात और कपड़ा और रेशे उपलब्ध कराने के लिए भारत में बहुत अधिक विकास क्षमता है ।

वियतनाम में निवेश करने के मुख्य कारण फ्री ट्रेड अग्रीमेंट के तेहत आसानी से वियतनाम के बाजार में निवेश करना संभव है, वियतनाम ने विदेशी निवेशकों के लिए प्रोत्साहन के प्रावधान है । वियतनाम के पास देश में 325 से अधिक राज्य-समर्थित औद्योगिक पार्क हैं।

वियतनाम की स्थिर और बढ़ती अर्थव्यवस्था, वियतनाम ने निवेश को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अपने नियमों में कई संशोधन किए हैं और वियतनाम में अधिकांश व्यावसायिक लाइनों के लिए न्यूनतम पूंजी की आवश्यकता भी नहीं होती ।

दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों में अपनी आवश्यकताओं और अवसरों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक की अध्यक्षता आईआईए  के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार ने की। महासचिव अश्वनी खंडेलवाल ने संचालन किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष आईआईए मनमोहन अग्रवाल ने वियतनाम में भारतीय व्यापार के लिए अवसर और चुनौतियां पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी ।

वृंदावन कुंभ: राज्‍यपाल आनंदीबेन को मिला ब्राह्मण सेवा संघ शिविर का आमंत्रण

Previous article

सबसे बड़े स्टेडियम में भारत की सबसे बड़ी जीत, इंग्लैंड को दी 10 विकेट से मात, दर्शक बोले-व्हाट ए मैच

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.