यूपी के सातवें चरण में बाहुबलियों और धनबलियों की है भरमार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का सियासी दंगल अब अपने आखिरी पड़ाव पर आ गया है। 8 मार्च को आखिरी चरण के मतदान होने के बाद सभी की निगाहें 11 मार्च को आने वाले नतीजों पर टिक जाएंगी। आखिरी चरण में 535 राजनीतिक धुरंधर सियासत के अखाड़े में अपने-अपने दांव चल चुके हैं, इन सभी किस्मत की चाबी बुधवार को ईवीएम मशीन में कैद हो जाएगी। सातवें चरण में जो धुरधंर अपनी किस्मत आजमां रहे हैं उनमें से 130 उम्मीदवार करोड़पति है जबकि 115 से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है।

22% प्रत्याशी पर आपराधिक मामले

गत दिनों आई उत्तर प्रदेश चुनावों पर एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 528 उम्मीदवारों में से 115 प्रत्याशी यानी 22% कैंडिडेट्स ने माना कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। ADR रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 95 उम्मीदवारों ने हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध सहित गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है।

सबसे ज्य़ादा करोड़पति हाथी पर सवार

रिपोर्ट के मुताबिक आखिरी चरण में सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार बसपा ने उतारे हैं। बसपा के 40 में से 32 प्रत्याशी करोड़पति हैं। वहीं भाजपा के 31 में से 21 और सपा के 31 में से 21 प्रत्याशियों के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है।

भाजपा ने दागियों को दिया टिकट

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के 31 में से 13 उम्मीदवार आपराधिक छवि वाले है। जबकि बसपा के 40 में से 17, रालोद 21 में से 4 ,सपा के 31 में से 19 , सीपीआई के 14 में से 1, कांग्रेस के 9 में से 5 और 136 में से 22 पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।