सीएम योगी की समीक्षा बैठक, इन जगहों पर कोरोना कर्फ्यू लगाने का दिया निर्देश    

गोरखपुर: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को अपने गृह जनपद गोरखपुर में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक की।

समीक्षा बैठक में मुख्‍यमंत्री ने वरिष्‍ठ अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में बेड्स की उपलब्धता के संबंध में अपडेटेड सूचना होनी चाहिए। उन्‍होंने इमरजेंसी के तहत आवश्यक मैन पावर को चिन्हित कर प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्‍यमंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए ये निर्देश

सीएम योगी ने बैठक में आवश्यकता अनुसार निजी क्षेत्र में संचालित अस्पतालों को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में अधिसूचित किए जाने सहित कई दिशा-निर्देश दिए।

  • जिले में कहीं पर भी टेस्टिंग व इलाज के लिए निर्धारित दर से ज्‍यादा पैसे न लिए जाएं। अधिक वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
  • 108 एंबुलेंस सेवा एवं एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस की उपलब्ध क्षमता का 50 फीसद कोविड प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाए।
  • अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश आ रहीं सभी स्पेशल ट्रेन को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर कोविड टेस्टिंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के हर वॉर्ड या ग्राम पंचायत में निगरानी समितियों का गठन किया जाए। साथ ही उन्‍हें कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाए।
  • अन्य राज्यों से आने वाले सभी लोगों का एंटीजन टेस्ट जरूर कराया जाए। संदिग्ध लोगों का RT-PCR टेस्ट कराएं और उन्‍हें आइसोलेशन में रखें।
  • कोविड-19 की कुल टेस्टिंग में कम से कम 60 फीसद टेस्ट RT-PCR के जरिए सुनिश्चित करें। फोकस्ड टेस्टिंग भी पूरी सक्रियता से की जाए।
  • वर्चुअल ICU की सुविधा को मजबूत किया जाए ताकि वरिष्‍ठ डॉक्टर्स व विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ अन्य जिलों को भी मिल सके।
  • अस्पतालों में CCTV कैमरे लगाए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वरिष्‍ठ डॉक्टर्स लगातार राउंड लेते रहें।
  • मास्क की अनिवार्यता पर जोर दें और यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक जगहों पर भीड़ न इकठ्ठा होने पाए।
  • पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं डायल 112 के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवेयरनेस बढ़ाएं।
  • कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए एनफोर्समेंट या चालान का काम सद्भावनापूर्ण तरीके से करें। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
  • गोरखपुर मंडल के चारों जिले इंसेफेलाइटिस के दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं। अंत: विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया जाए।
  • शादी-विवाह के कार्यक्रमों व अन्य सामाजिक आयोजनों में अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग किया जाए और सुनिश्चित करें निर्धारित सीमा से ज्‍यादा भीड़ इकट्ठा न हो।
  • इमरजेंसी व अति आवश्यक मरीजों को ही OPD में प्रवेश दिया जाए और उसके लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था लागू की जाए।
  • अन्य केस में टेली-मेडिसिन सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जाए, जिसमें आइएमए को जोड़ा जाए।
  • 500 से अधिक कोविड-19 पॉजिटिव केस वाली सभी जगहों पर कोरोना कर्फ्यू लागू किया जाए।
  • 11 से 14 अप्रैल के बीच में ‘टीका उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सुनिश्चित किया जाए कि वैक्सीन का वेस्टेज न्यूनतम हो।
  • सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों/प्रतिष्ठानों में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए और वहां पल्स ऑक्सीमीटर एवं थर्मामीटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

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