September 18, 2021 7:42 am
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कोरोना का नया स्ट्रेन बरफा रहा अपना कहर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

434d9c57 0b71 4c48 af73 79b5c5147962 कोरोना का नया स्ट्रेन बरफा रहा अपना कहर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते मामलों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। आए दिन कोरोना संक्र्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। इसी बीच ब्रिटेन में कोरोना का एक नया प्रकार तेजी से फैल रहा है। जिसके चलते वहां रविवार से लाॅकडाउन लगा दिया गया है। इसके साथ ही ब्रिटेन में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को देखते हुए सरकार ने कल रात से ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट्स पर प्रतिबंद्ध लगा दिया है। इसके साथ ही आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोरोना वायरस से एक साल की जंग के बाद सफल वैक्सीन की खबरों ने दुनिया को नई उम्मीद दी थी। लेकिन अब यूनाइटेड किंगडम (UK) में कोरोना के नए स्ट्रेन की खबरों ने लोगों को एक बार फिर से डरा दिया है। दरअसल, कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वायरस के नए संस्करण के संदर्भ में महामारी विज्ञान निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।

ये नए दिशा-निर्देश जारी किए गए-

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार ये सुनिश्चित करें की यूके से आनेवाले यात्रियों का आरटी पीसीआर टेस्ट हुआ हो। वहीं पॉजिटिव पाए जाने पर spike gene-based RT-PCR test लैब से करवाएं।

इसके साथ ही जो यात्री पॉजिटिव पाए जाते हैं उन्हें इंस्टिट्यूशनल आइसोलेशन फैसिलिटी में अलग रखा जाए। इसके लिए अलग से व्यवस्था हो। इनका सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे में या किसी लैब में भेज कर genomic sequencing करवाएं। अगर रिपोर्ट में आता है कि संक्रमण वाला वायरस वही है, जो भारत में पहले से है तो भारत में ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के तहत ही इलाज हो। गंभीर ना होने पर होम आइसोलेशन या फैसिलिटी लेवल पर ट्रीटमेंट हो।

वहीं genomic sequencing में पाया जाता है की SARS-CoV-2 नया वेरिएंट है तो मरीज अलग आइसोलेशन यूनिट में ही रहेगा। प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रीटमेंट होगा। पॉजिटिव होने के 14 दिनों बाद दोबारा आरटी पीसीआर टेस्ट होगा। अगर सैंपल 14वें दिन पॉजिटिव पाया जाता है, तो आगे का नमूना तब तक लिया जा सकता है, जब तक कि उसके दो लगातार 24 घंटे अलग किए गए नमूनों का टेस्ट नेगेटिव न हो जाए।

वहीं जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है, एयरपोर्ट पर उन्हें सलाह दी गई है कि वे होम क्वारंटाइन रहें। संबंधित एयरलाइंस यह सुनिश्चित करेगी कि चेक-इन से पहले, यात्री को इस एसओपी के बारे में समझाया जाए। इन-फ्लाइट घोषणाओं को भी प्रासंगिक जानकारी को समझा जाना चाहिए। इस संबंध में प्रासंगिक जानकारी आगमन क्षेत्र में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी।

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