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चंद्र ग्रहण के प्रभाव से कैसे बचाएं खुद को?

moon 1 2 चंद्र ग्रहण के प्रभाव से कैसे बचाएं खुद को?

5 जुलाई को साल का तीसरा ग्रहण लगने जा रहा है। और खास बात ये है कि, इसी दिन गुरू पुर्णिमा भी है। इसलिए लोगों के मन में इस चंद्र ग्रहण को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।5 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। दरअसल, ऐसा तब होता है जब पृथ्वी, सूरज और चांद के बीच तो आती है लेकिन तीनों एक ही रेखा में नहीं होते हैं।ऐसे में चांद की छोटी सी सतह पर अंब्र नहीं पड़ता है। पृथ्वी के बीच के हिस्से से पड़ने वाली छाया को अंब्र कहा जाता है। चांद के बाकी के हिस्सों पर पृथ्वी के बाहरी हिस्से की छाया पड़ती है, जिसे पिनंब्र या उपछाया कहते हैं। इस वजह से ही इस तरह के ग्रहण कों उपछाया ग्रहण कहा जाता है।

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चंद्र ग्रहण का समय
उपछाया चंद्र ग्रहण 5 जुलाई 2020 को सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा। इसके बाद यह 9 बजकर 59 मिनट पर अपने सबसे अधिक प्रभाव में होगा और सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर खत्म हो जाएगा। यह ग्रहण लगभग दो घंटे 43 मिनट और 24 सेकेंड तक रहेगा।

चंद्र ग्रहण में इस राशि में लोग रहें सावधान
गुरु पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्रग्रहण भारत के संदर्भ में बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं होगा। क्योंकि यह एक उपच्छाया चंद्रग्रहण है और यहां दिखाई भी नहीं देगा। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण धनु राशि में लगेगा। धनु राशि में गुरु बृहस्पति और राहु मौजूद हैं। अतः ग्रहण के दौरान बृहस्पति पर राहु की दृष्टि धनु राशि को प्रभावित करेगी। धनु राशि के जातकों का मन अशांत रह सकता है। उनके मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं। माता जी की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। मन को एकाग्र रखने के लिए ध्यान लगाएं और माता जी का ख्याल रखें।

चंद्र ग्रहण के समय क्या करें?
1-पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय खाना पकाने से खाने के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। यही वजह है कि ग्रहण के समय खाना पकाने के लिए मना किया जाता है।

2-चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कई लोग ग्रहण काल में उपवास भी करते हैं। लेकिन इस दौरान बच्चे, बूढों और गर्भवती स्त्रियों को उपवास में छूट रहती है।

3-चंद्र ग्रहण के समय यदि गर्भवती महिलाएं भोजन ग्रहण करती हैं तो इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आहार सात्विक होना चाहिए।
चंद्र ग्रहण के समय यदि प्यास लगे तो इसके लिए पानी में तुलसी के पत्ते डालकर उबाल लें. इसके बाद इस पानी को ठंडा करके पीना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के समय इस मंत्र का करें उच्चारण
ग्रहण के समय में व्यक्ति को भगवान वासुदेव या श्रीकृष्ण मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन आप ओम नमो भगवते वासुदेवाय या श्रीकृष्णाय श्रीवासुदेवाय हरये परमात्मने, प्रणत:क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम: मन्त्र का जाप करना चाहिए।

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इस बार का चंद्रग्रहण का ज्यादा असर नहीं होगा। क्योंकि इस बार के ग्रहण में सूतक काल नहीं इसलिए आप पूजा पाठ कर सकते हैं।

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