WhatsApp Image 2021 04 02 at 20.08.48 शतप्रतिशत वैक्सीनेशन वाला राज्य बने उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।जिसमें उन्होने कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड शतप्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन करने वाला राज्य बने। इसके लिए फूलप्रूफ प्लान तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने गांवों में रह रहे वृद्धजनों की विशेष चिंता करते हुए कहा कि ग्राम स्तर तक वैक्सीनेशन की पूरी व्यवस्था की जाए। इसमें किसी तरह की ढ़िलाई न बरती जाए। और टेस्टिंग, ट्रेकिंग और ट्रिटमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए।WhatsApp Image 2021 04 02 at 20.08.48 1 1 शतप्रतिशत वैक्सीनेशन वाला राज्य बने उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री

वहीं कोरोना के बढ़ रहे मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए सीएम ने कहा कि मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने आदि बातों के प्रति जनजागरूकता के लिए फिर से अभियान चलाए जाएं।

‘डेथ रेट कम करने के लिए बेस्ट ट्रीटमेंट प्रोटोकोल का पालन हो’

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों और पर्यटकों को शालीन व्यवहार में समझाया जाए कि कोविड के प्रोटोकोल का पालन करें। अधिक से अधिक टेस्ट करने हैं और डेथ रेट को कम करना है, इसके लिए बेस्ट ट्रीटमेंट प्रोटोकोल का पालन किया जाए। सीएम ने कहा कि कोविड से होने वाली हर डेथ की आडिट की जाए। साथ ही समाज के प्रतिष्ठित लोगों के माध्यम से लोगों से कोविड के नियमों का पालन करने की अपील की जाए।

‘सबको मास्क पहनाना है, वैक्सीनेशन कराना है’

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो बातों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी लोगों को मास्क पहनाना है और सबका वैक्सीनेशन होना चाहिए। वैक्सीनेशन के काम में तेजी लाने के साथ ही इसे ग्राम स्तर तक ले जाना है। विशेषतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों के गांवों में बुजुर्ग रहते हैं। सीएम ने कहा चूंकि वो लोग टीके के लिए आ नहीं सकते है, इसलिए हमें उनके पास जाना है। जिसके लिए सारी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्हें सूचित किया जाए कि किस दिनांक को उनके यहां वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके लिए प्रचार प्रसार किया जाए। ये एक बड़ी चुनौति है, लेकिन हमें इसे करना है।

कुम्भ के दृष्टिगत हों विशेष प्रबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के दृष्टिगत हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिले विशेष तैयारी करें। अधिक से अधिक टैस्टिंग की जाए। बोर्डर पर स्थापित किए जाने वाले चेकिंग स्थलों पर रूकने, पानी, शौचालय आदि की पर्याप्त व्यवस्था हो। खास तौर पर आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाए जाने हैं। इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। हरिद्वार को 20 करोड़ रूपए जबकि अन्य जिलों को 5-5 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। जो लोग मास्क न लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग न रखें, उनका चालान किया जाए।  यह सुनिश्चित किया जाए कि होम आईसोलेशन में रहने वाले कोविड संक्रमित व्यक्ति सारे नियमों का पालन करें। होम आईसोलेशन में रहने वाले लोग, इधर उधर घूमते हुए पाए जाएं तो कड़ी कार्रवाई की जाए।

‘जरूरी होने पर बड़े कन्टेंन्टमेंट जोन बनाए जाएं’

सचिव अमित नेगी ने बताया कि पूरे देश में कोविड के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उत्तराखण्ड में भी मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। हमें कोविड संक्रमण को भी रोकना है और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित नहीं होने देना है। इसके लिए बहुत ऐहतियात से काम करना होगा।

उत्तराखण्ड में वर्तमान में जनसंख्या का 24.75 प्रतिशत टैस्टिंग दर है जबकि भारत के लिए 18.41 प्रतिशत है। पॉजिटीवीटी दर उत्तराखण्ड में 3.66 प्रतिशत, जबकि भारत में यह 4.99 प्रतिशत है। लेकिन हमारी मृत्यु दर भारत के औसत से कुछ अधिक है। हमें इस ओर विशेष ध्यान देना है।

वहीं इस अवसर पर डीजीपी अशोक कुमार, आयुक्त कुमायूं अरविंद सिंह हयांकि, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन साथ ही जिलाधिकारी और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बंगाल चुनाव पर जेपी नड्डा की दो टूक, ममता तलाश रहीं दूसरी सीट, TMC के लोगों ने बताया

Previous article

IPL में इन खिलाड़ियों ने जीता सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द् मैच का खिताब, लिस्ट से कोहली बाहर

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured