दुनिया Breaking News

आईएस के बढ़ावे के लिए ट्विटर जिम्मेदार नहीं : अमेरिकी अदालत

ISIS आईएस के बढ़ावे के लिए ट्विटर जिम्मेदार नहीं : अमेरिकी अदालत

न्यूयॉर्क। एक अमेरिकी न्यायाधीश ने ट्विटर के खिलाफ दायर उस मुकदमे को खारिज कर दिया, जिसमें इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के फैलाव के लिए मंच देने का आरोप लगाया गया था। यह मुकदमा लॉयड फील्ड के परिवार ने दायर किया, जिसकी मौत 2015 में जॉर्डन में आईएस के हमले में हुई थी। इस हमले के लिए ट्विटर को जिम्मेदार माना गया। ट्विटर पर आरोप लगाया गया कि यह इसके समर्थकों और सहानुभूति रखने वालों को सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म देता है।

ISIS

वर्ज ने गुरुवार को बताया कि शिकायत में व्यापक रूप से धन उगाहने और ट्विटर के जरिए भर्तियां करने का आरोप लगाया गया है। इसमें सिर्फ, साल 2015 में ट्विटर खातों के जरिए 30,000 विदेशी ऐक्टरों की भर्ती करने का आरोप लगाया है। निर्णय में कहा, “अपने सीधे संदेश भेजने की निजी प्रवृत्ति की वजह से, अभियुक्त के पहचान का कोई तरीका नहीं है, इस वजह से इसके सीधे संदेश के तरीकों को बदलने की जरूरत है, जिसमें सूचना भेजने वाले और पाने वाले के अलावा को दूसरा संदेश हासिल नहीं कर सकता।”

कैलिफोर्निया जिला न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा, “यहां तक कि ट्विटर के सीधे संदेश देने की विशेषता को प्रकाशन गतिविधियों के दायरे संबंधी धारा 230(सी)(1) तहत भी इस तरह के प्रसारित संदेशों को हटाया नहीं जा सकता।”

अमेरिकी संचार शिष्टाचार अधिनियम की धारा 230 को सामान्यत: ‘सुरक्षित आश्रय’ के तौर पर जाना जाता है। यह उपभाग ऑनलाइन सेवाओं को जिम्मेदारी के साथ अपने नेटवर्क में भाषणों को प्रकाशित करने की सुरक्षा देता है, जिस तरह समाचार लेखों पर किसी तरह की निंदात्मक टिप्पणी का अधिकार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अपनी टिप्पणी के लिए उपयोगकर्ता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, लेकिन धारा 230 वेबसाइट के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई करने से रोकती है।

वादी का तर्क था कि ट्विटर धारा 230 के दायरे में नहीं था, इसके प्रावधान के तहत आईएस के सभी प्रकाशित और भाषणों के खातों की गणना होती है। जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्विटर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने आईएस की पहुंच बढ़ाना बंद कर दिया है और धीरे-धीरे यह कम हो रही है। जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में उग्रवाद विषय से जुड़े सहयोगी जे.एम. बर्गर और कानून प्र्वतन विश्लेषक हीथ परेस ने अगस्त से अक्टूबर 2015 तक के आईएस समर्थक ट्विटर खातों की सूची पर नजर रखी।

लॉफेयर ब्लॉग डॉट कॉम ने बताया कि बर्गर ने कहा, “हमने पाया कि ट्विटर ने पहले ही उपयोगकर्ताओं की इच्छाओं को नजरअंदाज किया था और अपनी सेवा-शर्तो में बदलाव लाकर इसमें कमी लाई थी। इस कारण आईएस के समर्थकों की हर रोज ट्वीट में और इस मंच पर सक्रियता में कमी आ रही है।”

हालांकि, अभी भी विभिन्न भाषाओं में 20,000 से ज्यादा ट्विटर खाते आईएस समूह को सहयोग कर रहे हैं।

Related posts

वैलेंटाइन डे को लव जिहाद से जोड़ा, हिंदू महिलाओं से सावधानी बरतने को कहा

Vijay Shrer

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिजनों से पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने की मुलाकात

Trinath Mishra

इंतजार खत्म, राजधानी दिल्ली में आम लोगों के लिए खुला मैडम तुसाद संग्राहालय

Breaking News