donald trump 2 ट्रंप ने तुरंत ट्रायल की मांग करते हुए कहा डेमोक्रेट सांसदों के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पास हो चुका है। इसके बाद ट्रंप ने तुरंत ट्रायल की मांग करते हुए कहा कि डेमोक्रेट सांसदों के पास उनके खिलाफ किसी भी बात का कोई सबूत नहीं है। ट्रंप ने कहा, ‘डेमोक्रेट सांसदों द्वारा सदन में मेरे लिए कोई प्रक्रिया, वकील, गवाह न छोड़ने के बाद अब वह सीनेट को यह बताना चाहते हैं कि उसे किस तरह ट्रायल करना चाहिए। असल में, उनके पास किसी बात का कोई सबूत नहीं है, न ही कभी होगा। मैं तुरंत ट्रायल की मांग करता हूं। ट्रंप पर महाभियोग चलाने के लिए बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित मतदान हुआ था। डेमोक्रेटिक बहुमत वाले सदन में 230 में से 197 वोट महाभियोग चलाने के पक्ष में पड़े थे।

ट्रंप पर उच्च अपराधों और दुष्कर्म के आरोपों के अलावा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति को दो डेमोक्रेट नेताओं के खिलाफ जांच के लिए दबाव डालने के आरोप हैं। हालांकि ट्रंप ने अपने ऊपर लगे हर आरोप को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि 2020 के चुनाव में उन्हें सत्ता से बाहर किया जा सके।

मतदान के बाद यह तय होगा कि ट्रंप पर लगे आरोपों को स्वीकार किया जाए या नहीं, और इसे रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली सीनेट में ट्रंप को पद से हटाने का मामला चलाने के लिए भेजा जाए अथवा नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि 100 सदस्यों वाली सीनेट में ट्रंप की पार्टी के पास 53 सांसद हैं जबकि ट्रंप को सत्ता से बेदखल करने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए।

निचले सदन में प्रस्ताव साधारण बहुमत से पारित होने के बाद अब रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली सीनेट में ट्रंप के खिलाफ जांच शुरू होगी। अगर राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ दो तिहाई बहुमत के साथ अभियोग सिद्ध हो जाते हैं तो वह अमरीकी इतिहास में महाभियोग की प्रक्रिया के चलते पद से हटाए जाने वाले पहले राष्ट्रपति होंगे। हालांकि, फिलहाल ऐसा हो पाना मुश्किल है। हालांकि, ट्रंप और उनके सहयोगी इस पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं। व्हाइट हाउस और कुछ रिपब्लिकन नेता इस ट्रायल को दो हफ्तो के भीतर खत्म करना चाहते हैं।

अमरीका के इतिहास में केवल दो राष्ट्रपतियों, 1886 में एंड्रयू जॉनसन और 1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ महाभियोग लाया गया था, लेकिन उन्हें पद से हटाया नहीं जा सका। 1974 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन पर अपने एक विरोधी की जासूसी करने का आरोप लगा था। इसे वॉटरगेट स्कैंडल का नाम दिया गया था। लेकिन महाभियोग चलाने से पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था क्योंकि उन्हें पता था कि मामला सीनेट तक पहुँचेगा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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