02 1 समाज सुधारक कमलादेवी को श्रद्धांजलि, गूगल ने बनाया डूडल

नई दिल्ली। गूगल ने डूडल बनाकार भारत की समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की है। बता दें कि गूगल भारत का नाम रोशन करने वाली महिलाओं का डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांलजलि देता रहा है। इससे पहले गूगल ने भारत की पहली महिला डॉक्टर आनंदीबाई जोशी का भी डूडल बनाकार उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। वहीं कमलादेवी की बात करे तो उनका जन्म तीन अप्रैल 1903 को हुआ था और आज उनका 115वां जन्मदिवस है।

भारत को आजादी दिलाने के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों को आज भी याद किया जाता है। भारत को आजाद कराने के अलावा उन्होंने आजाद भारत में भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और रंगमंच के पुनर्जागरण और सहकारी आंदोलन चलाकर भारतीय महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए भी कई अहम कदम उठाए थे। बता दें कि ये उन्हीं की मेहनत का नतीजा है कि आज भारत में राष्ट्रीय नाट्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी और भारतीय शिल्प परिषद के अलावा कई संस्थाए मौजूद हैं। 02 1 समाज सुधारक कमलादेवी को श्रद्धांजलि, गूगल ने बनाया डूडल

वहीं गूगल के डूडल की बात करें तो इसमें कमलादेवी को उम्र दराज दिखाया गया है, जिसमें कमलादेवी बालों में फूल लगाए नजर आ रही हैं और उनके आस-पास कई वादक अलग-अलग तरह के यंत्र बजा रहे हैं। इसके अलावा उनके आस-पास कई नृतक नृतकियां हैं जो लोक नृत्य पेश कर रही हैं। साथ ही कुछ महिलाएं हस्तकला और हथकरघा से जुड़े काम करती हुई नजर आ रही हैं। कमलादेवी चट्टोपाध्याय को भारत के उच्च सम्मान पद्म भूषण (1955), पद्म विभूषण (1987) से भी सम्मानित किया गया था।

इसके साथ हीं उन्हें साल 1966 में एशियाई हस्तियों और संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने के लिये दिया जाने वाला ‘रेमन मैगसेसे पुरस्कार भी प्रदान किया गया। उन्होंने ‘द अवेकिंग ऑफ इंडियन वुमन ‘जापान इट्स विकनेस एंड स्ट्रेन्थ, ‘अंकल सैम एम्पायर, ‘इन वार-टॉर्न चाइना और ‘टुवर्ड्स ए नेशनल थिएटर जैसी कई किताबें भी लिखीं। उनका निधन 29 अक्तूबर 1988 को 85 साल की उम्र में हो गया था।

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