anil vij अनिल विज बन गए ऐसे पहले मंत्री, जिन्होंने लगाया स्वदेशी वैक्सीन का पहला टीका

कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इसके साथ ही देश के कई रिसर्च सेंटरों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है. भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का तीसरा ट्रायल शुरू हो गया है. इस फाइनल फेज में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पहली डोज दी गई है. वो पहले ऐसे मंत्री बन गए हैं, जिन्हें स्वदेशी वैक्सीन दी गई है. अनिल विज ने इस ट्रायल के लिए खुद वॉलंटियर बनने की पहल की थी. पीजीआई रोहतक की टीम की निगरानी में ही मंत्री विज को वैक्सीन का टीका लगाया गया. इसके बाद आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया.

इससे पहले रोहतक पीजीआई की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खून का नमूना लिया. सफल ट्रायल के बाद मंत्री विज ने जीत का निशान दिखाया और सीधे चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय के लिए रवाना हो गए. मंत्री ने खुद आराम की जगह कार्यालय जाकर काम करने की इच्छा जताई. इस पर डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अनुमति दी. हरियाणा में कोवैक्सीन के टीके के परीक्षण की जिम्मेदारी पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पीजीआईएमएस को सौंपी गई है.

डॉक्टर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, विज को दूसरी डोज 28 दिन बाद दी जाएगी. इस दौरान एंटीबॉडी की कंडीशन की स्टडी की जाएगी. उम्मीद जताई जा रही है कि ये ट्रायल सफल रहेगा.

भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर ये ट्रायल कर रहा है. पहले दो फेज में जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई, उनमें कोई साइड इफेक्ट नहीं नजर आया. किसी भी वॉलंटियर के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट भी नहीं है. ऐसे में इस वैक्सीन से उम्मीद बढ़ गई है.
पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी और 48 दिन बाद उनके शरीर में एंटीबॉडी की जांच की जाएगी. सही परिणाम मिलने पर देशभर में चिह्नित 21 संस्थानों में कुल 25,800 वालंटियरों को यह डोज दी जाएगी.

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