helth 1 स्वास्थ्य विभाग: स्थानान्तरण का ऐसा आदेश जिसने बढ़ाई दिव्यांग व महिलाओं की परेशानी

लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में हुये कर्मचारियों के स्थानान्तरण का मामला बढ़ता ही जा रहा है। यूपी मेडिकल एण्ड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रयल एसोसिएशन ने प्रदेश में हुए मिनिस्ट्रयल संवर्ग यानी की लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों के तबादले को प्रशासनिक अनियमित्ता बताया है। इतना ही नहीं इसमें सुधार के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर तबादले को रोकने की मांग भी की गयी है। आरोप है कि इस बार किये गये तबादले से कोरोना काल में दिव्यांग व महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

बताया जा रहा है कि यूपी मेडिकल एण्ड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रयल एसोसिएशन या फिर कर्मचारी तबादले से नाराज नहीं है,वह सिर्फ तबादला नीति का सही ढंग से पालन न करते हुये दिव्यांगों तथा महिलाओं को सैकड़ों किलोमीटर दूर भेजे जाने से नाराज है। एसोसिएशन का साफ तौर पर कहना है कि एक अधिकारी के मनमानी के चलते महिलाओं व दिव्यांगों को तबादले से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी मेडिकल एण्ड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रयल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशक प्रशासन डा राजा गणपति आर ने प्रदेश सरकार के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डाक्टर व कर्मचारियों के स्थानांतरण से मुक्त रखे जाने तथा केवल अनुरोध पर स्थानांतरण किये जाने की बात का पालन न करते हुये,लिपिक संवर्ग का तबादला कर दिया, जो कि घोर अनिमित्ता के दायरे में आता है।

इस बात का हो रहा विरोध

यूपी मेडिकल एण्ड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रयल एसोसिएशन दिव्यांगों तथा महिलाओं के मौजूदा तैनाती से सैंकड़ों किलोमीटर दूर किये गये तबादले से नाराज है।

बताया जा रहा है तबादले के समय शारीरिक तथा पारिवारिक समस्याओं को पूरी तरह से नजर अंदाज करते हुये दिव्यांगों व महिलाओं को कोरोना काल में सैंकड़ों किलोमीटर दूर भेज देना तबादला नियमों के खिलाफ है।

गोरखपुर जिले में तैनात कमरुन्निसा जिनकी उम्र लगभग 55 वर्ष है और वह पैरों से लाचार हैं, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हैं,इसके बाद भी उनका तबादला बरेली जिला चिकित्सालय में कर दिया गया है। वहीं बात करें देवरिया जिले में तैनात रहीं महिला लिपिक उर्मिला गुप्ता का तबादला सहारनपुर कर दिया गया है, देवरिया से सहारनपुर की दूरी एक हजार किलोमीटर के करीब बतायी जा रही है। इसी तरह का मामला रेणु सिंह का भी है, उन्हें भी देवरिया से सहारनपुर भेजा गया है,लीना विष्ट को गाजियाबाद से देवरिया भेजा गया है,जिसकी दूरी आठ सौ किलोमीटर से अधिक बतायी जा रही है।

आरोप है कि करीब 88 महिला लिपिक का तबादला उनकी मौजूदा तैनाती से सैंकड़ों किलोमीटर दूर कर दिया गया है।

यूपी मेडिकल एण्ड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रयल एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख इस तबादले को निरस्त किये जाने की मांग की है। इतना ही नहीं जब तक यह तबादला निरस्त नहीं होता है,तब तक लिपिक संवर्ग ने काम नहीं करने की चेतावनी दे दी है।

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