vi आज है विजय दिवस, जब पाकिस्तान ने भारत के सामने टेक दिए थे घुटने

नई दिल्ली। आज ना ही 26 जनवरी है और ना ही 15 अगस्त फिर भी देश के लिए आज का दिन बेहद खास है क्योंकि आज विजय दिवस है। आज ही के दिन 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था और पाकिस्तान ने भारत के सामने घुटने टेक दिए थे। इस युद्ध की एक खास बात ये भी सामने आई थी कि इसी युद्ध के बाद पाकिस्तान का एक हिस्सा उससे अलग हुआ था और बांग्लादेश बना था।

पाकिस्तान में जब हालात बेकाबू होने लगे थे तो वहां के राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान 24 मार्च 1969 को राजसत्ता जनरल याहिया खान को सौंप कर खुद एक तरफ हो गए थे। याहिया खान ने तुरन्त मार्शल लॉ की घोषणा कर दी। 3 दिसम्बर 1970 को पाकिस्तान में आम चुनाव करवाए गए। पाकिस्तानी सेना ने 25 मार्च 1971 को ढाका और आसपास के क्षेत्र में अनुशासनीय कार्रवाई शुरू कर दी।vi आज है विजय दिवस, जब पाकिस्तान ने भारत के सामने टेक दिए थे घुटने

वहां के लोगों ने लाखों की गिनती में पश्चिम बंगाल और असम, मेघालय तथा त्रिपुरा जैसे प्रांतों में शरण लेनी शुरू कर दी और उनके लिए शरणार्थी शिविरों की व्यवस्था करनी पड़ी। इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ने से अनेक समस्याएं पैदा हो गईं जो आज तक सुलझ नहीं पाई हैं।  वहां पर अल्पसंख्यकों के ऊपर अत्याचार शुरु हो गया जिसमें रेप, लूट, हत्या सब शामिल थे।

भारत और पाकिस्तान में युद्ध की शुरूआत 3 दिसम्बर 1971 को उस समय हुई जब पाक की वायुसेना ने भारत के 11 हवाई अड्डों पर बमबारी शुरू कर दी। 13 दिन तक चले इस युद्ध के दौरान भारत की सशस्त्र सेनाओं ने चमत्कारिक जीत हासिल की। इसके बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ। पूर्वी पाकिस्तान की सेना के कमांडर लैफ्टिनैंट जनरल ए.ए.के. नियाजी ने अपनी सेना के लगभग 93,000 सैनिकों सहित 16 दिसम्बर को भारतीय सेना के लैफ्टिनैंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष घुटने टेक दिए। बता दें की मुक्ति वाहिनी ने भारतीय सेना के साथ मिलकर युद्ध में जीत हासिल की थी। इतनी बड़ी जीत के बाद ही भारत में विजय दिवस मनाया जाता है।

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