12366565555 Uttarakhand LIVE: तीरथ सिंह रावत ने ली उत्तराखंड सीएम पद की शपथ

देहरादून: तीरथ सिंह रावत ने राज्य के अगले सीएम के तौर पर शपथ ली है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के हांथों उन्हें सीएम पद और उसकी गोपनीयता को लेकर शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह के लिए उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत ने क्रीम कलर का कुर्ता-पजामा, हाफ वेस्ट कोट और पहाड़ी टोपी पहनी हुई है।

तीरथ सिंह रावत पौड़ी से हैं सांसद

तीरथ सिंह पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले है। बीजेपी के पौड़ी सांसद हैं। बेदाग छवि के नेता माने जाते हैं तीरथ सिंह रावत। वह फरवरी 2013 से दिसंबर 2015 तक उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे और चौबट्टाखाल से भूतपूर्व विधायक (2012-2017) है। वर्तमान में तीरथ सिंह रावत बीजेपी राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं। पौड़ी सीट से पार्टी की तरफ से उम्मीदवार के अतिरिक्त 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था। 1983 से 1988 तक संघ के प्रचारक भी रहे हैं तीरथ सिंह रावत।

5555000000000 1 Uttarakhand LIVE: तीरथ सिंह रावत ने ली उत्तराखंड सीएम पद की शपथ

नवगठित उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री थे तीरथ सिंह रावत

बता दें कि तीरथ सिंह रावत बीजेपी से संबंधित राजनीतिज्ञ है। साल 2000 में नवगठित उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे। इसके बाद 2007 में बीजेपी उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए, उसके बाद प्रदेश चुनाव अधिकारी  और प्रदेश सदस्यता प्रमुख रहे। 2013 उत्तराखण्ड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे, वर्ष 2012 में चौबटाखाल विधान सभा से विधायक निर्वाचित हुए और वर्ष 2013 में उत्तराखण्ड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बने।

आरएसएस के प्रचारक के रूप में भी किया काम

गौरतलब है कि तीरथ सिंह रावत साल 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे हैं। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (उत्तराखण्ड) के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी तीरथ सिंह रावत संभाल चुके हैं। हेमवती नंदन गढ़वाल विश्व विधालय में छात्र संघ अध्यक्ष और छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। इसके बाद 1997 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के सदस्य निर्वाचित हुए तथा विधान परिषद् में विनिश्चय संकलन समिति के अध्यक्ष बनाये गए।

तीरथ सिंह रावत का जीवन परिचय

1- उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल 1964 को ग्राम सिरौ पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। इनके पिता का नाम कलम सिंह रावत और माता का नाम गौरा देवी और इनकी पत्नी का नाम डॉ रश्मि त्यागी रावत है।

2- तीरथ सिंह रावत ने परास्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया हुआ है। साथ ही इन्होंने श्रीनगर गढ़वाल के बिरला कॉलेज से समाजशास्त्र में पर स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा की शिक्षा ग्रहण की।

3- पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आरएसएस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़कर बतौर सामाजिक कार्यकर्ता कार्य करना शुरू कर दिया और महज 20 वर्ष की उम्र में 1983 में उसके प्रांत प्रचारक बन गए।

4- वर्तमान में उत्तराखंड के पौड़ी लोकसभा सीट से तीरथ सिंह रावत सांसद हैं और इससे पहले 2012 से लेकर 2017 में चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी हैं।

5- साल 1983 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बतौर युवा प्रचारक के रूप में अपनी शुरुआत करने वाले तीरथ सिंह रावत अपनी राजनीतिक दीक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने छात्र जीवन के दौरान आर एस एस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में राज्य के संगठन मंत्री का पद संभाला और शानदार काम की वजह से उन्हें संगठन मंत्री राष्ट्रीय संगठन मंत्री का पद भी मिला।

6- हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र संघ का चुनाव तीरथ सिंह रावत ने लड़ा और अध्यक्ष पद के लिए चुने गए। इसके साथ ही वह छात्र संघ मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे।

7- 90 के दशक में चले अयोध्या श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े और 2 साल जेल में भी रहे। और प्रदेश में मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहे से गढ़वाल तक शहीद यात्रा की अगुवाई की थी। साथ ही 90 के दशक में उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

8- तीरथ सिंह रावत 2007 में बीजेपी उत्तराखंड इकाई के महामंत्री भी बने और उसके बाद प्रदेश भाजपा चुनाव अधिकारी के अलावा प्रदेश सदस्यता अभियान के प्रमुख की जिम्मेदारी भी तीरथ सिंह रावत ने संभाल रखी है।

9- दैवीय आपदा प्रबंधन समिति का अध्यक्ष भी उन्हें चुना गया और फरवरी 2013 से 2015 तक प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष भी रहे।

10- वहीं 2017 में उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करवाते हुए बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। जिसके बाद साल 2019 में संपन्न हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और राज्य में पार्टी की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई।

 

24 विभाग मिलकर मजबूत बना रहे मिशन शक्ति: अवनीश अवस्‍थी

Previous article

तीरथ सिंह रावत होंगे उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री, जानें पूरा प्रोफाइल

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured