हजारों गांवों को मिले ग्राम सचिवालय, योगीराज में बदल रही है गांव की सूरत

लखनऊ: ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए गांव वालों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयास से कई गांवों को अब ग्राम सचिवालय की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। इससे गांव की व्यवस्था और बेहतर होगी।

बदल रही है गांव की किस्मत

योगी सरकार के प्रयास से कई ऐसे गांव जहां विकास की संभावना ना के बराबर थी, उनकी भी किस्मत बदल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके साथ ही ग्राम स्वराज के सपने को भी साकार करने के लिए सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। गांव के भीतर ही शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हाई स्पीड इंटरनेट भी जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा।

प्रदेश में 2498 पंचायत भवनों का निर्माण

आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब गांव की सूरत बदलने के लिए कई बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक 2498 पंचायत भवनों का निर्माण कर लिया गया है। यह ग्राम सचिवालय के रूप में बनकर तैयार हुई हैं। जहां गांव के लोगों की छोटी बड़ी समस्याएं सुलझाने की कोशिश की जाएगी। अभी तक किसी भी समस्या के लिए उन्हें ब्लॉक और तहसील तक दौड़ लगानी पड़ती थी।

206 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों का हुआ निर्माण

गांव के अंदर ही 318 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाओं का पंचायत भवन तैयार किया गया है। ऐसे 206 बहुउद्देशीय पंचायत भवन बनाए गए हैं, जिसमें ग्रामीण जनता को कई सुविधाएं सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। राज्य सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना की भी शुरुआत की गई है, जिसके लिए ₹25 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

हजारों गांवों को मिले ग्राम सचिवालय, योगीराज में बदल रही है गांव की सूरत

गांव को डिजिटल बनाने के लिए 3145 लैपटॉप भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 24 जिलों में 26 पंचायत लर्निंग सेंटर और 206 करोड रुपए की लागत से 718 अंत्येष्टि स्थल का भी निर्माण कार्य पूरा हो रहा है। 5 लाख महिला समितियों का गठन भी किया गया है। इसके साथ ही खराब सड़कों और कच्ची पगडंडियों को बेहतर करके हाईवे और मुख्य सड़क से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार

पंचायती राज मंत्रालय के द्वारा प्रदेश को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आम जनता को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें महिलाओं और बालिकाओं के लिए पिंक टॉयलेट से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना के द्वारा लगभग 370 करोड़ रुपए दिए हैं। 15,000 महिला और 80,000 से अधिक सामान्य स्वच्छाग्रही भी तैनात किए जा रहे हैं। जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाएंगे।

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