पीरियड्स में यहां बच्चियों और महिलाओं के साथ होता है ये सलूक

नई दिल्ली। पीरियड्स को लेकर सरकार से लेकर एनजीओ तक जहां ग्रामीण क्षेत्रों या फिर दूरदराज के इलाकों में जागरूकता फैलाने में लगे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ से आई इस खबर ने शर्मसार कर दिया है। ये खबर इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि सरकार और एनजीओ की कोशिशें जहां तक पहुंचनी चाहिए अभी तक नहीं पहुंची हैं। छत्तीसगढ़ में पीरियड्स होने पर महिलाओं के साथ होता है ऐसा सलूक होता है।


महिलाओं को होने वाले पीरियड्स पर आज भी बहुत से लोग है जो इस पर खुलकर बात करना नहीं चाहते हैं। लोग अभी भी इस पर बात करने से कतराते है। हालांकि देश भर में मासिक धर्म को लेकर तमाम तरीके से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद भी देश के कई ऐसे गांव है जहां मासिक धर्म होने पर महिलाओं को घर से बाहर रहने की सलाह दी जाती है।

गांव के लोगों का मानना है कि मासिक धर्म होना महिलाओं के लिए भगवान का प्रकोप

छत्तीसगढ़ के सीतागांव में आज भी महिलाओं को मासिक धर्म होने पर गांव से बाहर भेजा जाता है। जिसे गांव के लोग एमएस हाउस कहते हैं। गांव के लोगों का मानना है कि मासिक धर्म होना महिलाओं के लिए भगवान का प्रकोप है जिस वजह से महिलाओं को जबरजस्ती गांव से बाहर बने आउट हाउस में रहने को कहा जाता है। इस मामले में जब एक नाबालिग लड़की से बात की गई तो नाबालिग ने कहा कि घर में हम देवी देवताओं की पूजा करते है। ऐसे में पीरियड्स में होने पर हमे घर में नहीं रहने को कहा जाता है। इस गांव में इस तरीके की पूरानी परंपरा काफी दिनों से चली आ रही है।

इस घटना के बारे में जब चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि पीरियड्स को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन अभी भी कुछ ऐसे पिछड़े गांव है जहां तक इसे लेकर और जागरूकता फैलानी की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट और महिला और बाल विकास मंत्रालय के कुछ ऑफिसर इस तरह के गांवों में जाकर लोगों को पीरियड्स को लेकर लोगों को शिक्षित करेंगे। साथ ही मासिक धर्म होने पर किस तरह साफ सफाई रखा जाए और बिमारियों से बचने के लिए भी उपाए भी बताए जाएंगे।

पीरियड्स को लेकर अक्षय की फिल्म पैडमैन भी इसी पर है आधारित

उन्होंने बताया कि हम इस बात पर भी जोर देने की महिलाएं उस दौरान सैनेटरी पैंड का इस्तेमाल करें। बता दें कि पिछले ही महीने मासिक धर्म को लेकर एक फिल्म भी बनी है। इस फिल्म का नाम पैडमैन है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार हैं। पैडमैन में काफी बेहतरीन तरीके से सैनिटरी पैंड न इस्तेमाल करने पर इससे होने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया है। पैडमैन से भी काफी लोगों के बीच मासिक धर्म को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाई है।