January 26, 2022 7:47 am
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सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर

बीजेपी सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वैसे तो कई छोटे बड़े राजनीतिक दल हैं,लेकिन ज्यादातर चार से पांच पार्टियां ही चर्चा में रहती है,जिन पार्टियों की चर्चा होती है, उनमें भाजपा, कांग्रेस,सपा, बसपा शामिल बताई जाती है। यदा-कदा आम आदमी पार्टी भी बयान बाजी कर कर आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करती है।

लेकिन बीते कुछ दिनों से केवल एक ही पार्टी चर्चा में है और वह पार्टी है उत्तर प्रदेश कि सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी। बीजेपी चर्चा में क्यों है यह भी बता देते हैं,प्रदेश में पार्टी को सरकार बनाएं करीब 4 साल बीत चुके हैं, आने वाले साल में विधानसभा का चुनाव होना है और इसी को लेकर इधर कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी तथा संघ के बड़े नेताओं का दौरा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ और यहां पर बैठकों का दौर चला। जिसके बाद केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच तनातनी की खूब अटकले लगाई गई। हालाकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साक्षात्कार देकर इन अटकलों को मीडिया जनित बताया। लेकिन उसके बाद भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

वही जहां अंदरूनी खींचतान की खबरों को लेकर भारतीय जनता पार्टी चर्चा में रही, वहीं विपक्षी दल सपा, बसपा, कांग्रेस खामोश नजर आयी। विपक्षी दलों की तरफ से ऐसा कोई समाचार अथवा अटकले सामने नहीं आई,जिससे उनके खामोश ना होने का पता चले। हालांकि विपक्षी पार्टी यह नहीं मान रही है कि वह खमोश हैं।

लेकिन जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने प्रदेश में 4 साल पूरे किए हैं, उन को देखते हुए विपक्ष के पास कई मुद्दे होंगे जो जनहित में उठाए जा सकते हैं। लेकिन उसके बावजूद विपक्ष का कुछ पता नहीं चल रहा है और ना ही विपक्ष की तरफ से कोई मुद्दा इस तरह उठाया जा रहा है, जिससे आम जनता विपक्ष को सक्रिय माने या यूं कहें कि कुल मिलाकर बीजेपी के सामने कोई भी अन्य पार्टी खड़ी नहीं दिखाई पड़ रही है।

समाजवादी पार्टी को लेकर कुछ लोगों का दावा अक्सर सुनने को आता है कि सपा के कार्यकर्ता गांव-गांव काम कर रहे हैं। कोरोना काल में उन्होंने परेशान लोगों की खूब मदद भी की, इसके अलावा सरकार की नाकामियों को उजागर करने का काम भी सपा द्वारा किया गया। लेकिन सरकार की नाकामियों को उजागर करने का जो दावा समाजवादी पार्टी कर रही है, वह ज्यादातर सोशल मीडिया पर ही दिखाई पड़ता है।

बात करें बहुजन समाज पार्टी की तो वह भी कुछ ऐसा कार्य नहीं कर रही है। जिससे यह पता चले कि जनहित में वह सरकार से कोई सवाल पूछ रही हो। आम लोग तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी कोरोना काल मे जमीन पर काम करती हुई नहीं दिखाई पड़ी।

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी को लेकर लोगों का पता नहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर अक्सर कई लोग अपने टि्वटर हैंडल से यह कहते हुए देखे जा सकते हैं कि लोगों की हर लड़ाई में प्रियंका जी आगे खड़ी रही। सब के लिए संघर्ष किया, सबकी मुसीबतों का हल निकालने की कोशिश की, आम आदमी के संघर्ष के साथी हमारी प्रियंका गांधी जैसी बातें देखी जा सकती हैं।

लेकिन विपक्ष ज्यादातर सोशल मीडिया पर ही सक्रिय दिखाई दिया। इसके पीछे का कारण कुछ लोग कोरोना वायरस तथा लाकडाउन को भी मानते हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान आम जनजीवन अस्त व्यस्त था,इस वजह से काम नहीं हो पा रहा  है, जिस तरह से पहले हुआ करता था

डिजिटल मीडिया पर ही हो सकता है काम
अखिलेश तिवारी सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर
वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश तिवारी

वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश तिवारी ने सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल विपक्षी पार्टियों में खामोशी के समाचार पर अपनी बात कही है। उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता, इस दौरान ज्यादातर काम सोशल मीडिया यानी कि डिजिटल मीडिया पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में ज्यादातर कार्य सोशल मीडिया पर ही होंगे। क्योंकि इसकी शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में ही कर दी थी। विपक्षी दल सोशल मीडिया पर काम कर रहे हैँ।

सपा आरोप लगाती है, लेकिन बाहर नहीं निकलती
वरिष्ठ पत्रकार राजेश श्रीवास्तव सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर
वरिष्ठ पत्रकार राजेश श्रीवास्तव

वरिष्ठ पत्रकार राजेश श्रीवास्तव बताते हैं कि कोरोना वायरस के इस दौर में प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल के रूप में जानी जाने वाली समाजवादी पार्टी मौजूदा प्रदेश सरकार पर आरोप तो लगाती है लेकिन किसी की मदद करने के लिए बाहर नहीं निकलती है। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते इन्हें निकलना चाहिए और लोगों की मदद करनी चाहिए, जैसा कि पहले समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता किया करते थे। एक समय था जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बाहर निकलते थे और पीड़ितों की मदद किया करते थे।
लेकिन इस बार पार्टी की तरफ से कोई पदाधिकारी बाहर नहीं निकला और ना ही किसी की मदद हो पाई। राजेश श्रीवास्तव बताते हैं कि समाजवादी लोग सड़कों पर संघर्ष किया करते थे। लेकिन इस बार उनके कार्यकर्ता नेताओं के अभाव में कुंद पड़े हुए हैं।

इसके पीछे का कारण राजेश श्रीवास्तव बताते हैं कि पार्टी के जो बड़े नेता थे, जो पार्टी को आर्थिक संसाधन मुहैया कराते थे, अब वह या तो रहे नहीं और जो है वह चुप हैं, उन्होंने कहा कि अमर सिंह,अबू आजमी, आजम खान सरीखे नेता पार्टी को आर्थिक संसाधन मुहैया कराते थे,लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसके अलावा दूसरे लेवल के नेता जो कार्यकर्ताओं की मदद करते थे। उनमें से ज्यादातर नेता भारतीय जनता पार्टी का कमल खिला रहे हैं या फिर उनके ऊपर इतने मुकदमे दर्ज कर दिए गए हैं कि वह बाहर ही नहीं निकल सकते।

उन्होंने तो यहां तक कहा कि अखिलेश यादव ने लोगों की मदद करने के लिए एक शुरुआत की थी, लेकिन सूत्र बताते हैं कि उनके ऊपर भी एक दबाव बनाया गया। जिसके कारण वह जमीन पर नहीं उतरे, यदि वह जमीन पर उतरते तो उनके अघोषित संपत्ति की जांच हो सकती थी। इसी कारण समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता खामोश है।

उन्होंने आगे कहा कि रही बात बसपा की तो वह खुद अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, उसके पास महज छह विधायक बचे हैं। ऐसे में वह बोले भी तो क्या बोले।

विपक्ष हुआ राजनीतिक क़वारन्टीन
चिकित्सक डॉ विवेक सिंह सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर
चिकित्सक डॉ विवेक सिंह

पेशे से चिकित्सक डॉ विवेक सिंह बताते हैं कि लोकतंत्र में विपक्ष का बहुत बड़ा महत्व होता है,लेकिन यह पार्टियां उस काबिल अब रही नहीं। कोरोना काल में इन पार्टियों ने अपने आपको राजनीतिक क़वारन्टीन कर लिया है।

सेल्फ गोल करने में जुटे विपक्षी दल
व्यापारी नेता अमरनाथ मिश्र सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर
व्यापारी नेता अमरनाथ मिश्र

व्यापारी नेता अमरनाथ मिश्र की माने तो जिस प्रकार फुटबॉल के खेल में बाहर जा रही बाल को रोकने की कोशिश में अपने ही गोल में मार लेते हैं कुछ खिलाड़ी, उसी प्रकार विपक्षी दल भी सेल्फ गोल करने पर आतुर है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव तथा राहुल गांधी ने पहले कोरोना रोधी टीके को लेकर तरह-तरह की बात की। लेकिन कभी कुछ साबित नहीं कर सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जैसे अखिलेश यादव ने पहले कहा मुझे टीका नहीं लगवाना है,लेकिन अब कह रहे हैं कि लगवाना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दल तो हैं लेकिन विपक्ष नहीं है।

विपक्ष की खिसक चुकी है जमीन
अधिवक्ता महेंद्र मिश्र सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर
अधिवक्ता महेंद्र मिश्र

अधिवक्ता महेंद्र मिश्र की माने तो प्रदेश में विपक्षी पार्टियों के जमीन पूरी तरीके से खिसक चुकी हैं, विपक्षी दलों ने वह भूमिका नहीं निभाई जिसके लिए उन्हें विपक्ष की संज्ञा दी जाती है। प्रदेश सरकार को 4 साल बीत चुके हैं, आने वाले समय में चुनाव होना है, लोकतंत्र में विपक्ष का काम होता है कि वह मौजूदा सरकार से सवाल पूछे उसकी नीतियों पर सवाल जवाब करें,आम जनता के लिए खड़ी हो, लेकिन यह सब बातें तो विपक्षी दलों में दिखाई नहीं पड़ती। ऐसे में यह कहा जाए कि विपक्षी दल खामोश है तो गलत ना होगा

कांग्रेस व सपा ने फैलाया भ्रम
पत्रकार देवेश पाल सिंह सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी में हलचल, विपक्षी पार्टियों में खामोशी,आम लोगों की नजर में बनती जा रही है ऐसी तस्वीर
वरिष्ठ पत्रकार देवेश पाल सिंह

वरिष्ठ पत्रकार देवेश पाल सिंह की माने तो कोरोना के इस दौर में सपा व कांग्रेस ने कोरोना रोधी टीके को लेकर खूब भ्रम फैलाया। रही बात बसपा की तो वह कहीं दिखाई ही नहीं पड़ी। ऐसे में यदि यह कहा जा रहा है कि विपक्षी खामोश हैं, तो सही कहा जा रहा है।

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