September 21, 2021 10:05 pm
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जम्मू-कश्मीर के मदरसों पर भी तब्लीगी जमात के कोरोना वायरस पहुंचाए जाने की आशंका

जम्मू कश्मीर 2 जम्मू-कश्मीर के मदरसों पर भी तब्लीगी जमात के कोरोना वायरस पहुंचाए जाने की आशंका

श्रीनगर: दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज से जुड़े जम्मू कश्मीर के तब्लीगियों द्वारा प्रदेश के मदरसों और दर्सगाहों (पाठशाला) तक कोरोना वायरस पहुंचाए जाने की आशंका है। इसलिए प्रदेश प्रशासन ने मदरसों और दर्सगाहों की जांच शुरू कर दी है। इनमें पढ़ाने वाले मौलवियों, अध्यापकों और छात्रों का पता कर उन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा। पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को भी इस काम में लगाया गया है। जम्मू कश्मीर में विभिन्न इस्लामिक संगठनों से जुड़े छोटे-बड़े करीब 1200 मदरसे और 2000 दर्सगाह हैं।

बता दें कि प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक पुलिस थाना प्रभारी को उसके क्षेत्र में स्थित सभी पंजीकृत-गैर पंजीकृत मदरसों की सूची बनाने और उनमें पढ़ने-पढ़ाने वालों का ब्यौरा तैयार करने को कहा गया है। उन्हें निर्देश है कि वह इन लोगों की मौजूदा स्थिति का भी पता लगाएं। इन सभी लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग कर उन्हें क्वारंटाइन केंद्रों में भेजा जाएगा ताकि इन लोगों में कोविड-19 के संक्रमण की आशंका से पूरी तरह निपटा जा सके। अधिकारी ने बताया कि यह कदम तब्लीगी जमात के सदस्यों के प्रदेश की विभिन्न मस्जिदों, मदरसों व दर्सगाहों के साथ जुड़े होने के तथ्य का संज्ञान लेते हुए उठाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक जम्मू कश्मीर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से संबंध रखने वाले तब्लीगी जमात के करीब 1900 सदस्य गत माह निजामुद्दीन मरकज में ही थे। इनके अलावा कई अन्य देश-विदेश में भी थे। प्रदेश में तब्लीगी जमात से जुड़े सदस्यों की संख्या करीब 45 हजार है। प्रदेश में अभी कोविड-19 के 209 मरीजों में से 50 प्रतिशत से ज्यादा तब्लीगी जमात से जुड़े सदस्य, उनके परिजन या फिर उनके संपर्क में आए लोग ही हैं। बांडीपोरा में दो दर्जन से ज्यादा कोविड-19 मरीज हैं, उन सभी का प्रत्यक्ष-परोक्ष संबंध तब्लीगी जमात से ही है। श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा, शोपियां, ऊधमपुर, राजौरी में भी कोविड-19 के अधिकांश मरीज जमात से किसी ने किसी तरीके से जुड़े हैं। इनमें से कई स्थानीय दर्सगाहों और मदरसों में भी पढ़ाते हैं।

सूत्रों ने बताया कि मदरसों और दर्सगाहों से जुड़े कई लोगों में इस वायरस के संक्रमण के फैलने की तीव्र आशंका है, क्योंकि तब्लीग से जुड़े कई सदस्य क्वारंटाइन केद्रों में जाने से पहले अपने अन्य साथियों के साथ मेल मिलाप करने के अलावा विभिन्न मस्जिदों, मदरसों व दर्सगाहों में गए हैं। तब्लीग के ऐसे कई सदस्य भी कोविड-19 से प्रभावित पाए गए हैं जो निजामुद्दीन मरकज में नहीं गए थे।

उन्होंने बताया कि बहुत से कोविड-19 पॉजिटिव पीड़ित अंत तक पूरी तरह स्वस्थ थे। बीमार होने के बाद जब अस्पताल पहुंचे तो उनके पीड़ित होने का पता चला है। संबंधित प्रशासन के अनुसार, जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई मामले होंगे जो किसी भी तरह कोरोना बम बनकर फूट सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित सभी मदरसों व दर्सगाहों को सैनिटाइज डिकंटेमिनेट किया जा रहा है। इनसे संबंधित कोई भी व्यक्ति न छूटे, इसके लिए राज्य पुलिस के खुफिर्या ंवग को भी पूरी तरह सक्रिय किया गया है।

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