पहाड़ी पार्टी 2022 में उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों में पहाड़ी पार्टी सभी 70 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

देहरादून. अघोषित तौर पर दो दलीय व्यवस्था की तरह चल रहे उत्तराखंड में एक और राजनीतिक दल मैदान में उतर गया है. इस दल का नाम है, ‘पहाड़ी पार्टी’. उत्तराखंड प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस में पहाड़ी पार्टी के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह नेगी ने दावा किया कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में पहाड़ी पार्टी सभी 70 विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारेगी. हालांकि प्रेस के सामने बैठे पार्टी के सभी पदाधिकारी या सदस्य तक एक-दूसरे के नाम से परिचित नहीं थे. उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की वकत कभी बहुत ज़्यादा नहीं रही. हालांकि बसपा मैदानी इलाक़ों में वोट पाती रही और किंग मेकर की भूमिका में भी पहुंची लेकिन 2017 की मोदी लहर में उसका भी सूपड़ा साफ़ हो गया.

राज्य की एकमात्र रीजनल पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल धीरे-धीरे इस स्थिति में पहुंच गया है कि इसके वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने तक से डरने लगे हैं. लोकसभा चुनावों में ऐन मौके पर यूकेडी अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने यह कहकर पौड़ी से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया कि अगर अध्यक्ष ही हार गया तो पार्टी की बहुत किरकिरी होगी.फिर भी उत्तराखंड में 15 से ज़्यादा छोटी पार्टियां रजिस्टर्ड हैं जो चुनावों के समय सक्रिय भी हो जाती हैं. अब इस सूची में पहाड़ी पार्टी का नाम भी जुड़ गया है. हालांकि पहली प्रेस कांफ्रेंस के लिहाज से देखा जाए तो इसका आग़ाज़ कुछ अच्छा नहीं रहा.

आक्रामक राजनीति के दौर में पहाड़ी पार्टी के पदाधिकारी और अध्यक्ष तक में आत्मविश्वास की कमी नज़र आई. पार्टी अध्यक्ष त्रिलोक सिंह नेगी पलायन को रोकने, पहाड़ों के लिए काम करने और नौकरी छोड़ने के अपने त्याग के बारे में हिचककर बोलते दिखे.ये बातें बीते 19 साल में कई तरह से हज़ारों बार कही, लिखी जा चुकी हैं. नेगी ऐसी कोई रणनीति भी नहीं बता पाए जो उनकी पार्टी को बीजेपी-कांग्रेस के सामने स्थापित कर सके.

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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