तिरुपति के सदस्य पद का मामला, टीडीपी विधायक बोली- मैं हिंदू हूं ईसाई नहीं,

विजयवाड़ा। आंध प्रदेश के विशाखापत्तनम के पायाकरावुपेटा से विधायक वांग्लापुडी अनीता तिरुंमाला ने तिरुपति देवस्थान से हटने का फैसला लिया है, जिसके लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को पत्र लिखा और उनसे पद से हटने के लिए उनकी नियुक्ती कैंसिल करने का निवेदन किया। दरअसल इस मामले को लेकर तब सवाल उठे थे जब एक साक्षतकार के दौरान विधायक ने अपने आपको ईसाई बताया था, जिसके बाद उनके मंदिर के सदस्य रहने पर सवाल खड़े हो गए थे। 

सोशल मीडिया पर जारी हुए इस साक्षतकार के एक वीडियो में अनीता कहती दिख रही है कि मैं अपने बैग और कार में हमेशा बाइबल रखती हूं। विधायक कहती हुई नजर आ रही है कि वो बाइबल के लिए कभी बाहर नहीं निकलती। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई हिंदू संगठनों ने सवाल उठाए थे कि उन्हें बोर्ड का सदस्य क्यों नियुक्त किया गया है। संगठनों ने मांग की थी कि सीएम इस नियुक्ती को जल्द से जल्द रद्द करें। इसी को लेकर अब विधायक ने खुद सीएम को चिट्टी लिखी है।

सीएम को लिखे पत्र में विधायक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबनियाद बताया है। विधायक ने लिखा कि वो भगवान वेंकटेश्वर की भक्त हैं और एससी समुदाय से आने वाली हिंदू हैं। उन्होंने लिखा कि बोर्ड छोड़ने का फैसला मैंने इसलिए लिया है क्योंकि मैं कोई विवाद नहीं चाहती, जिससे सीएम की प्रतिष्ठा पर सवाल उठे। विधायक ने कहा कि मुझे ये जानकर तकलीफ हुई कि अपने फायदे के लिए कुछ समूहों ने इस विवाद को जन्म दिया है। बता दें कि सदस्य के स्थान पर एससी वर्ग के व्यक्ति को ही नियुक्त किया जा सकता है।