November 27, 2022 2:14 pm
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आतंकियों ने की मोबाइल मैसेज से सबजार को बचाने की अपील

ुपकपर आतंकियों ने की मोबाइल मैसेज से सबजार को बचाने की अपील

 

नई दिल्ली। सीमा पर सुरक्षाबलों ने आतंक को खत्म करने के लिए एक जंग शुरू कर दी है जो आतंक के खिलाफ है। जम्मू कश्मीर में सेना ने बीते शनिवार अपनी बहादुरी का सबूत देते हुए 10 आतंकवादियों को मार गिराया। इन 10 आतंकवादियों में बुरहान वानी का उत्तराधिकारी हिजबुल कमांडर सबजार बट भी शामिल था। सबजार के मारे जाने से सेना को बड़ी कामयाबी मिली है। सेना से सबजार को बचाने के लिए आतंकियों ने घाटी से मोबाइल एसएमएस कर उसको बचाने की अपील की थी। इससे पहले कि उन मैसेज का कोई असर होता उससे पहले ही सेना ने सबजार को मार गिराया।

ुपकपर आतंकियों ने की मोबाइल मैसेज से सबजार को बचाने की अपील

मैसेज से की ये अपील

बता दें कि सुरक्षाबलों को एक आतंकी के मोबाइल से जो मैसेज मिला है, उसमें सबजार बट को बचाने की अपील करते हुए लिखा गया है कि सबजार भाई त्राल में फंस गए हैं। सभी नौजवान त्राल पहुंचे और अपने प्यारे मुजाहिद भाई को सुरक्षित रास्ता देकर बचाएं। मैसेज में आगे कहा गया है कि हमें बिपिन को दिखाना है कि कश्मीर में रहने वाला हर नौजवान मुजाहिद है और वो अपनी मातृभूमि कश्मीर को बचाने के लिए अपनी जान भी दे सकता है और निचे मैसेज में लिखा था कि इस मैसेज को सभी ग्रुप में फॉरवर्ड करें। आतंकियों ने ये मैसेज उन पत्थरबाज़ों के लिए लिखा था जो सेना के काम में बांधा का काम कर रहे हैं।

क्यों करते हैं आतंकि इस तरह के मैसेज

दरअसल ये मैसेज पत्थरकबाज़ो को इस लिए किए जाते हैं कि जैसे ही पत्थरबाजों को ये खबर मिले कि सुरक्षाबल किसी आतंकी को मारने के लिए घेराबंदी कर रहे हैं, तो वो उस जगह पर पहुंचकर पथराव शुरू कर देते हैं और तब मौका देखकर आतंकी वहां से फरार हो जाता है। हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबजार बट्ट को बचाने के लिए भी आतंकियों ने यही चाल चली थी लेकिन उनकी साजिश नाकाम हो गई।

कहां हुआ सबजार का एनकाउंटर

सबजार बट्ट का एनकाउंटर श्रीनगर से 36 किलोमीटर दूर त्राल के सोईमोह गांव में हुआ है. सुरक्षाबलों को 26 मई को खबर मिली थी कुछ आतंकी इस गांव में छुपे हुए हैं. खबर मिलने के साथ सुरक्षाबलों ने इलाके की नाकेबंदी शुरू कर दी लेकिन उन्हें कामयाबी मिली 27 मई को.

कौन था सबजार बट?

सुरक्षाबलों द्वारा जिन आतंकियों को मारा गया उनमें सबसे बड़ा नाम सबजार बट्ट और फैजान बट्ट का है। सबजार बट्ट उसी बुरहान वानी के बचपन का दोस्त था जिसे पिछले साल जुलाई में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। बुरहान से उसकी नजदीकी के कारण उसे ही उसका वारिस माना जाता था। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बन गया। पिछले दिनों जब मूसा ने हिजबुल छोड़कर ISIS में शामिल हो गया तो सबजार भट्ट ने हिजबुल की कमान संभाली। बुरहान वानी की तरह सबजार बट्ट भी त्राल का रहने वाला था। बुरहान के कहने पर सबजार 2015 में हिजबुल से जुड़ा और दक्षिण कश्मीर में आतंक का नेटवर्क बनाने में लग गया था और तभी से आंतकी बन कर दहशत गरदी फैला रहा है।

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