राजद नेताओं पर भड़के तेजप्रताप यादव, बोले- पार्टी नेता धूप में नहीं जाते, छात्र कार्यकर्ता बूथ पर काम करते हैं

राजद नेताओं पर भड़के तेजप्रताप यादव, बोले- पार्टी नेता धूप में नहीं जाते, छात्र कार्यकर्ता बूथ पर काम करते हैं

बिहार का सबसे बड़ा सियासी दल राष्ट्रीय जनता दल के परिवार में घासान कम होता नजर नहीं आ रहा है। परिवार में सत्ता संघर्ष की खबरों पर लगाम लगाते हुए खुद लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप ने कहा है कि हमारे परिवार में सबकुछ ठीक चल रहा है। हालांकि इस दौरान अपनी पार्टी आरजेडी के कुछ नेताओं से नाराजगी अब तक कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझे मेरे भाई तेजस्वी से लड़ाना चाहते हैं, लेकिन मैं उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दूंगा।

 

 

रविवाद(10जून) को तेजप्रताप ने कहा कि पार्टी में छात्र राजद के कार्यकर्ता की बात को नहीं सुनी जाती है। जबकि वही छात्र बूथ पर खड़े होकर काम करते है ,पार्टी के नेता धूप में नहीं जाते। कार्यकर्ता ही काम करते है। साथ ही उन्होंने कहा कि कौन लोग साजिश कर रहे है उनका नाम भी समय आने पर बता दिया जाएगा और सबको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।

 

बता दें कि शनिवार को बिहार राजद का आंतरिक कलह उस समय उभरकर सामने आया था जब राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र व विधायक तेजप्रताप यादव ने अपने ही पार्टी के नेताओं की भूमिका पर सवाल खड़ा कर दिया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि राजद और गठबंधन के सहयोगियों के सामने 2019 में नई सरकार बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन हमें उन असामाजिक तत्वों से सावधान रहना है, जो इस एकता में सेंध लगाना चाहते हैं।

 

मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं। अब कुछेक ‘चुगलों’ को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं। उन्होंने यह भी कहा कि जब यह सब मामला मैंने पत्नी को बताया तो वह भी अचंभित रह गयी।

 

शनिवार को मीडिया से बातचीत में तेजप्रताप ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व पार्टी में मुझे तेजस्वी को लड़वाना चाहते हैं। राजद में अपनी हैसियत पर नाराजगी जताते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि मेरी बात को पार्टी के नेता नहीं सुनते। हम राजद के किसी नेता को किसी काम के लिए फोन करते हैं तो रिस्पांस नहीं दिया जाता। कहा जाता है कि ऊपर से दबाव है हम कुछ नहीं कर सकते। राजेंद्र पासवान जैसे नेता का पार्टी में सम्मान दिलाने को उन्हें शीर्ष नेताओं से बात करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी हमारे जिगर का टुकड़ा है। मैंने गांधी मैदान के मंच से तेजस्वी को अपनी गद्दी दे दी है। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का सम्मान करता हूं। मैं कहीं भी जाऊंगा राजनीति करूंगा।