राजस्थान चुनाव के लिए हैं बीजेपी का यें मास्टर प्लान

नई दिल्ली। अगले साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव होनें हैं और इसके लिए हर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अपनी कमर कस ली हैं बता दे कि जहां कांग्रसे की ओर से चुनाव से पहले अशोक गहलोत को सगंठन महासचिव बनाने का मुख्य फैसला लिया गया हैं तो वहीं बीजेपी की ओर से भी राजस्थान चुनाव की कमान किरोड़ी लाल मीणा को सौंपी गई है। बता दे कि चुनाव से पहले बीजेपी ने नाराज नेताओं को मनाने का काम शुरू कर दिया है। बता दे कि चुनाव से पहले कोशिश यें की जा रही है। कि किसी भी तरीके से नाराज नेताओं को फिर से पार्टी में शामिल किया जा सके।

बता दे कि किसी भी तरीके से खफा नेताओं को पार्टी में वापस लाने की कोशिश की जा रही हैं। हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए किरोड़ी लाल मीणा ने नाराज नेताओं से संपर्क साधना शुरू भी कर दिया है। खबर है कि राजस्थान बीजेपी के नेता बागी विधायक हनुमान बेनीवाल को अपने पाले में लाना चाहते हैं। वहीं नई पार्टी बना चुके घनश्याम तिवाड़ी को भी मनाने की कोशिश की जाएगी। बीकानेर के कद्दावर नेता देवी सिंह भाटी को भी मनाया जाएगा। वहीं जोधपुर संभाग के बीजेपी नेता राजेंद्र गहलोत की नाराजगी भी दूर की जाएगी।

 

 

बता दे कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के से यें सभी नेता नाराज हैं और जिसको लेकर वो अपना अपना विरोध भी जता चुके है। बता दे कि कुछ समय पहले विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने अमित शाह को चिट्टी के जरिए अपनी बात पहुचाई थी जिसमें तिवारी की ओर से कहा गया था कि जनता सीएम से नाराज हैं औऱ इसके अलावा तिवारी ने राज्य की सीएम पर आरोप भी लगाए थे कि वो जनता के हित कें बारें में कोई भी फैसला नहीं करती हैं। बता दे कि इसी से नाराज होकर विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने अपना नया राजनीतिक दल के गठन का ऐलान किया था जिसका नाम उन्होनें बताया था कि भारत वाहिनी पार्टी होगा।

बता दे कि तिवाड़ी ने अपने बेटे अखिलेश को इस पार्टी का अध्यक्ष बनाया है। बता दे कि फिलहाव तिवाड़ी ने बीजेपी से इस्तीफा नहीं दिया हैं। भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार कोई शख्स जब संबंधित दल से इस्तीफा नहीं देता तब तक वो दूसरी पार्टी का सदस्य नहीं बन सकता। अगर तिवाड़ी नई पार्टी के सदस्य हो जाएंगे तो उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म हो सकती है। अपनी विधानसभा सदस्यता को बरकरार रखने के लिए तिवाड़ी ने नई पार्टी की आधिकारिक सदस्यता नहीं ली। हालांकि यह स्पष्ट है कि पार्टी का चुनावी अभियान से लेकर बाकी सभी रणनीतियां वो तैयार रहे हैं। तिवाड़ी, भाजपा और कांग्रेस के बागी नेताओं से संपर्क कर रहे हैं।

बता दे कि कुछ समय पहले ही राजपा के विधायक किरोडीलाल मीणा, उनकी पत्नी व विधायक गोलमा देवी और एक अन्य विधायक गीता वर्मा की ओर से बीजेपी ज्वाइन की गई थी। इससे राजपा का भाजपा में विलय हो गया पर खबरें यें आ रही हैं कि उनही के एक विधायक की ओर से कांग्रेस में जाने की रूचि दिखाई जा रही हैं। बता दे कि राजपा के एक विधायक नवीन पिलानिया कांग्रेस में जाने का मन बना रहे हैं। किरोडीलाल मीणा को तुरंत टिकट देकर राज्यसभा भेजा जा चुका है।

ऐसे में सीएम राजे के विरोधियों की संख्या जरूर घट रही है, लेकिन जब तक तिवाड़ी को साथ नहीं लिया जाएगा, तब तक चुनाव में पार पाना राजे के लिए टेढी खीर ही रहेगी। बता के दि तिवाड़ी सीएम के कामों से काफी नाराज हैं अब ऐसे में देखना यें होगा कि तिवारी क्या बीजेपी का साथ देते हैं या अपनी पार्टी भारत वाहिनी पार्टी का सदस्य बनते हैं और अगर ऐसा होता हैं तो बीजेपी के लिए चुनाव जीतना काफी मुश्किल हो जाएगा और इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा।