स्वामी सानंद ‘गंगा एक्ट’ के लिए 111 दिन से कर रहे थे अनशन,एम्स ऋषिकेश में ली अंतिम सांस

स्वामी सानंद ‘गंगा एक्ट’ के लिए 111 दिन से कर रहे थे अनशन,एम्स ऋषिकेश में ली अंतिम सांस

उत्तराखंडः गंगा की सफाई के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर 111 दिन से अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया है।आज जो खुद को गंगा पुत्र बोलते हैं उन्हें इतनी भी फुर्सत नहीं मिली कि वे स्वामी जी के किसी पत्र का जवाब भी दे सकें।

 

स्वामी सानंद 'गंगा एक्ट' के लिए 111 दिन से कर रहे थे अनशन,एम्स ऋषिकेश में ली अंतिम सांस
स्वामी सानंद ‘गंगा एक्ट’ के लिए 111 दिन से कर रहे थे अनशन,एम्स ऋषिकेश में ली अंतिम सांस

इसे भी पढ़ेःउत्तराखंडःस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का निधन, 22 जून से बैठे थे अनशन पर

गौरतलब है कि वर्ष  2011 में संन्यास लेने के पहले स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद का नाम डॉ.जी डी अग्रवाल था। वर्त्तमान में नदियों की समस्याओं के समाधान का उनसे बड़ा विशेषज्ञ देश में शायद ही कोई दूसरा हो।लेकिन सरकार की अनदेखी ने उनकी जान ले ली। आज गंगा मां भी दुखी होंगी।

बता दे कि गंगा पर निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना को बंद करने,प्रस्तावित परियोजना को नष्ट करने और कोई भी नई परियोजना स्वीकृत ना करने,समेत वर्ष 2012 में तैयार किए गए ड्राफ्ट पर गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर स्वामी सानंद जी बीते 22 जून से आखिरी सास तक अनशन पर रहे।

मालूम हो कि तप के इस लंबे समय से स्वामी जल, नमक, नींबू, और शहद ले रहे थे। लेकिन आखिरी में स्वामी ने सब कुछ त्याग दिया।तपस्यारत स्वामी के जल तक त्याग देने से प्रशासन की धड़कने बढ़ गईं। हालात को देखते हुए डीएम दीपक रावत के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार और सीओ किशोर पुलिस बल के साथ मातृ सदन आश्रम पहुंचे।

प्रशासन के उक्त अमले ने आश्रम  के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद की मौजूदगी में स्वामी सानंद से ऋषिकेश एम्स में भर्ती होने का अनुरोध किया।स्वामी शिवानंद ने तो उनके इलाज के लिए अनुमति दी प्रदान कर दी लेकिन सानंद ने मौन भाव से यह कह दिया कि उन्हें किसी तरह के उपचार की जरूरत नहीं है।

महेश कुमार यादव