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सर्वे: देश में लड़कियों के प्रति सोच में आया बदलाव, 80 फीसदी चाहते हैं घर में जन्म ले बेटी

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नई दिल्ली। पीएम मोदी की ”बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं” योजना के आने के बाद देश के लोगों की लड़कियों और कन्या भ्रण हत्या को लेकर सोच में काफी सुधार देखने को मिला है। एक सर्वे में ये सामने आया है कि लड़कियों को लेकर देश के लोगों की सोच बदल रही है। सर्वे के मुताबिक देश के 80 फीसदी लोग चाहते हैं कि उनके घर में कन्या का जन्म हो। दरअसल हाल में जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आकड़ों से ये बात सामने आई है। इस सर्वे से देश में अच्छा संदेश गया है क्योंकि जिस देश के ज्यादातर लोग लड़कियों को अभिशाप मानते थे वो अब इस पर खुलकर बोल रहे हैं। खबरों के मुताबिक सर्वे में शामिल 15 से 49 वर्ष की आयु के लोगों में से 80 फीसदी ने ये माना की घर में लड़की का होना जरुरी है।

वहीं 15 से 54 साल के उम्र के 78 फीसदी पुरुषो का मानना है कि घर में कम से कम एक लड़की का होना जरुरी है। इसके अलावा सर्वे में जो अच्छी बात सामने आई है वो है अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मुस्लिम, ग्रामीण लोग और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के ज्यादा लोग ये चाहते हैं कि घर में बेटी का जन्म होना चाहिए। यहां सबसे चौकाने वाली बात ये है की शहरी पुरुषों के मुकाबले ग्रामीण पुरुष और पढ़े-लिखे लोगों से ज्यादा अनपढ़ लोग अपने घर में बेटी का जन्म चाहते हैं। अशिक्षित महिलाओं का 85 फीसदी हिस्सा ये चाहता है कि घर मे बेटी हो, जबकि बारहवीं पास सिर्फ 72 फीसदी महिलाएं ही ऐसा चाहती हैं।beti02 सर्वे: देश में लड़कियों के प्रति सोच में आया बदलाव, 80 फीसदी चाहते हैं घर में जन्म ले बेटी

 

सर्वे के अनुसार बेटी चाहने वालों का प्रतिशत बढ़ा है, जिसके पहले साल 2005-06 में हुए सर्वे में 74 फीसदी महिलाओं और 65 फीसदी पुरुषों का ये कहना था कि घर में कम से एक बेटी होनी चाहिए। सर्वे के अनुसार करीब 80 फीसदी ग्रामीण पुरुष और 75 फीसदी शहरी पुरुष घर में बेटी चाहते हैं। 83 फीसदी अनपढ़ पुरुष और 74 फीसदी 12वीं पास पुरुष घर में बेटी चाहते हैं। सर्वे को जाति और धर्म के आधार पर भी किया गया था, जिसके तहत सबसे अधिका 81 फीसदी मुस्लिम घर में लड़की के जन्म को लेकर कृतसंक्लप हैं। इसके अलावा बौद्ध 79 फीसदी और 79 फीसदी हिंदू भी घर में बेटी पैदा होने के पक्षधर है।

वहीं एससी वर्ग 81 फीसदी, एसटी वर्ग 81 फीसदी और ओबीसी वर्ग की 80 फीसदी महिलाएं घर में बेटी चाहती हैं। इसी तरह एससी वर्ग के 79 फीसदी और एसटी वर्ग के 84 फीसदी पुरुष ये चाहते हैं कि घर में बेटी हो। हालांकि बेटों को प्राथमिकता देने की बात अब भी बनी हुई है। सबसे गरीब तबके की 86 महिलाएं चाहती हैं कि घर में कम से कम बेटी हो, जबकि सबसे धनी वर्ग की सिर्फ 73 फीसदी महिलाएं ऐसा चाहती हैं। सर्वे के अनुसार बिहार में सबसे ज्यादा 37 फीसदी और उसके बाद यूपी में 31 फीसदी महिलाएं ये मानती हैं कि बेटियों से ज्यादा बेटे होने चाहिए।

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