सर्जिकल स्ट्राइक दिवस हिंदुस्तान के इतिहास में एक खास दिन है: सीएम रावत

सर्जिकल स्ट्राइक दिवस हिंदुस्तान के इतिहास में एक खास दिन है: सीएम रावत

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा कि यह दिन हिंदुस्तान के इतिहास में एक खास दिन है। जब पहली बार हमारे जवान पीओके में घुसे और आतंकियों को उन्हीं के घर में घुसकर तबाह करके लौटे। तथा आतंकियों के आका व पाकिस्तानी सैनिकों को इसकी भनक भी नहीं लगने दी। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इस तरह की यह पहली सर्जिकल स्ट्राइक थी और सबसे खुशी की बात यह रही कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में हमारे किसी भी जवान को बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना पर हर भारतीय का सीना गर्व से फूलता है। जैसे ही सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र आता है, देशवासियों के दिल में देशभक्ति का जज्बा और वीर जवानों के प्रति सम्मान उमड़ पड़ता है। यह हमारे लिये गर्व की बात है कि हमारे सुरक्षाबलों के वीर जवान अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तत्पर रहते है। हमारे वीर जवान कश्मीर घाटी में लगातार आतंकियों का सफाया कर रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 400 से ज्यादा आतंकियों को ढ़ेर किया गया है। 2017 में सेना ने ऑपरेशन ऑलआउट में 213 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया। 2018 में भी अब तक 150 से ज्यादा आतंकी ढेर किए गए हैं।

वहीं आज कोई भी भारत की तरफ आंख उठाकर देखने का दुस्साहस नहीं कर सकता। यह हमारे वीर जवानों की जांबाजी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाले हिंदुस्तान की ताकत का असर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हमारे वीर जवानों के जज्बे और साहस को सलाम करने का दिन है। उनकी कुर्बानियों को याद करने का दिन है, और भारतवर्ष के हर नागरिक के जरिए दुशमनों को सख्त संदेश देने का दिन है।