खुलेआम एसडीएम की देखरेख में हो रहा है स्टोन क्रेशर का अवैध धंधा

खुलेआम एसडीएम की देखरेख में हो रहा है स्टोन क्रेशर का अवैध धंधा

देहरादून। एक तरफ जहां सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलने और सूबे से भ्रष्ट्राचार खत्म करने की बात करती है। वहीं सरकार के ही कुछ प्रशासनिक अधिकारी सरकार के नाम पर धब्बा लगाने का काम कर रहे हैं। देवभूमि उत्तराखंड में जहां एक तरफ विकास को लेकर त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व की सरकार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री की नाक के नीचे यानी देहरादून के विकास नगर तहसील में एसडीएम जितेन्द्र सिंह की पूरी जानकारी में अवैध स्ट्रोन क्रेशन का खुला खेल चल रहा है।

बता दें कि देहरादून की विकासनगर तहसील अवैध खनन और अवैध कब्जों के लिए बहुत ही बदनाम रही है। कई बार कई बड़े कारनामों को लेकर ये तहसील अक्सर चर्चा में भी आती है। लेकिन इस बार चर्चा का विषय इस तहसील के एसडीएम जितेन्द्र कुमार की कार्यशैली है। अवैध खनन और अवैध क्रेशरों को रोकने और शिकायतों पर कार्रवाई कर जनता को सहूलियत देने के लिए सरकारी अधिकारी होते हैं। लेकिन एसडीएम साहब ने तो कुछ अलग  ही अंदाज में सरकार के आदेशों को ह वा में उड़ा दिया। लगातार अवैध खनन और अवैध क्रेशरों की खबरें विकासनगर से आती रही हैं। कार्रवाई के नाम पर केवल कुछ लोगों पर नकेल कस कर छोड़ दिया जाता है।

वहीं इस खुला प्रमाण है विकासनगर तहसील का रामपुर ग्राम जहां एसडीएम विकास नगर जितेन्द्र कुमार की पूरी जानकारी में अवैध स्ट्रोन क्रेशर चल रहा है। लेकिन आखिर किसकी शह पर एसडीएम साहब अपनी आंखें मूंदे हुए हैं ये बड़ा ही यक्ष प्रश्न बनकर सामने आया है। सरकार एक तरफ सभी अधिकारियों को अवैध कार्यों को रोकने का निर्देश दे रही है। वहीं जितेन्द्र कुमार पर सरकार के निर्देशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। विकासनगर तहसील में एसडीएम की कार्यशैली को देखकर साफ कहा जा सकता है अंधेर नगरी चौपट राजा