January 29, 2022 7:49 pm
खेल शख्सियत

54 साल की उम्र में भी युवाओं को पीछे छोड़ देता था ये हॉकी का जादूगर

mejor dhyan chand

नई दिल्ली। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को पूरा देश खेल दिवस के रूप में मना रहा है। मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहबाद के एक राजपूत परिवार में हुआ था। ध्यानचंद का हॉकी से कोई लगाव नहीं था। लेकिन रेजिमेंट में सिपाही बनने के बाद उन्होंने हॉकी खेलना शुरू कर दिया। जब ध्यानचंद ने हॉकी खेली तो ऐसी खेली की दुनिया उन्हें जादूगर कहने लगी। मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल करियर में 1000 से ज्यादा गोल दागे। मेजर ध्यानचंद हॉकी के वो जादूगर हैं जिनसे जूड़े कई ऐसे किस्से हैं जो बड़े ही दिलचस्प हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी की इस भारतीय हॉकी खिलाड़ी का ऑस्ट्रिया की राजधानी वियन के एक स्पोर्टस क्लब में उनकी खास मुर्ति लगी है। इस मुर्ति की खीस बात है कि मुर्ति में ध्यानचंद के चार हाथ दिखाए गए हैं।

mejor dhyan chand
mejor dhyan chand

बता दें कि ध्यानचंद की इस चार हाथों वाली मुर्ति से ये बताने की कोशिश की गई है कि जब ध्यानचंद हॉकी खेलते थे तो ऐसा लगता था कि मानो वो चार हाथों से खेल रहे हो। मेजर ध्यानचंद के हॉकी खेलने के अंदाज के लोग कायल थे। उनका गोल दागने का एक अलग ही अंदाज था। जिसकी वजह से पूरी दुनिया उनकी कायल थी। भारतीय ओलंपिक टीम के कप्तान रहे गुरूबख्श ने 1968 में अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि साल 1959 में जब ध्यानचंद 54 साल के हो गए तो भी उनकी फुर्ती में कोई कमी नहीं आई और उनकी तेजी के सामने युवा फेल हो जाते थे। किसी भी खिलाड़ी में इतनी हिम्मत या तेजी नहीं होती थी कि वो ध्यानचंद से एक भी बुली में गेंद छीन ले।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर श्रद्धांजलि दी। और राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज पॉर्टल का शुभारंभ किया। मोदी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद के खेल कौशल के बूते भारतीय हॉकी में अद्भुत कारनामें हुए हैं। उनके जन्मदिन को देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मोदी ने कहा कि देश में अद्भुत खेल प्रतिभा है।

Related posts

अभ्यास मैच में रायडू का शतक, धोनी व युवराज के अर्धशतक

Rahul srivastava

भारत की झोली में चौथा गोल्ड, राहुल रागला ने किया शानदार प्रदर्शन

lucknow bureua

चैम्पियंस ट्रॉफी: भारत के मैच के सभी टिकट हुए हाउस फुल

kumari ashu