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लोकसभा अध्यक्ष की टिप्पणी से नाराज हुए खड़गे

Khadge लोकसभा अध्यक्ष की टिप्पणी से नाराज हुए खड़गे

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की ‘चिल्लाना बंद कीजिए’ टिप्पणी ने गुरुवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को नाराज कर दिया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि उन्हें उनसे इस तरह के शब्द की उम्मीद नहीं थी। शून्यकाल के दौरान, ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा उत्तराखंड के चमोली जिले में चीनी सेना की घुसपैठ का मुद्दा उठाए जाने के बाद अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय को इसी मुद्दे पर बोलने की अनुमति दे दी।

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खड़गे तथा अन्य कांग्रेसी नेता हालांकि अपनी सीट से उठकर सरकार से इस मुद्दे पर जवाब की मांग करने लगे। महाजन ने कांग्रेस सदस्यों से राय को बोलने देने के लिए कहा, क्योंकि वह वही मुद्दा उठाना चाह रहे थे, लेकिन कांग्रेस सदस्य नहीं माने। इसके बाद क्रोधित अध्यक्ष ने कहा, “कृपया चिल्लाना बंद कीजिए।”

उनकी इस टिप्पणी के बाद खड़गे ने कहा, “हम चिल्ला नहीं रहे हैं मैडम, हम अपना सवाल उठा रहे हैं। मैंने आपसे इस तरह के शब्द की उम्मीद नहीं थी।”

इस पर अध्यक्ष ने कहा, “आप सब एक ही समय में बोल रहे हैं। यह चिल्लाना नहीं है, तो क्या है।” महाजन की टिप्पणी के बाद कांग्रेस सदस्य अपनी सीट पर बैठ गए, लेकिन वे नाराज दिखे। कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने इसी तरह का माहौल तब बना दिया, जब महादयी जल विवाद का मुद्दा सदन में उठाया गया।

इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग शुरू हो हुई, जिसके कारण अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने सदस्यों से चिल्लाना बंद करने को कहा। उन्होंने कहा, “इस तरह की जुबानी जंग से किसी का भला नहीं होने वाला। अगर आप खुद हंगामा करेंगे, तो मुद्दे का समाधान नहीं होगा और उद्देश्य पूरा नहीं होगा।”

उन्होंने कहा, “मैं सदस्यों से कई बार कह चुकी हूं कि मुद्दा उठाते समय किसी का नाम नहीं लें। यदि कोई नाम लेता है, तो मैं उसे तत्काल कार्यवाही की रिकॉर्डिग से हटा देती हूं। बात समझने के बावजूद आप नाम लेते हैं और फिर मीठी-मीठी आवाज में चिल्लाते हो।”

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