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सपा-प्रसपा गठबंधन तय, सीटों को लेकर फंसा पेंच!

akhilesh सपा-प्रसपा गठबंधन तय, सीटों को लेकर फंसा पेंच!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 2022 विधानसभा के चुनाव में अभी छह महीने से ज्यादा का वक्त बाकी है। लेकिन, सियासी पारा इन दिनों चरम पर हो गया है। राजनीतिक दल येन केन प्रकारेण भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की कवायदों में जुट गए हैं।

कई विरोधी दल एकदूसरे के साथ भी आने को राजी हो गए हैं। इनमें समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) (Pragatisheel Samajwadi Party) के बीच गठबंधन की खिचड़ी पक रही है। लेकिन, सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई राय नहीं बन पा रही है।

सूत्रों ने बताया कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) भी अब चाचा शिवपाल (Shivpal Yadav) के साथ आने को तैयार हो चुके हैं। बशर्ते सीटों को लेकर बड़ा पेंच नहीं फंसता है तो बहुत जल्द ही गठबंधन का ऐलान हो सकता है। सूत्रों का दावा है कि शिवपाल यादव ने 25 सीटों की मांग की है।

जबकि, अखिलेश यादव 15 सीटें ही देने पर अड़े हैं। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटे लोग बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि अखिलेश और शिवपाल 20 सीटों पर सहमत हो सकते हैं। हालांकि अभी यह भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है।

150 सीटों पर नुकसान कर सकते हैं शिवपाल

प्रसपा (PSP) के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि 2017 में अखिलेश की मनमानी सबने देखी थी। शिवपाल यादव सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। वे सिर्फ मुलायम सिंह यादव के भाई ही नहीं थे बल्कि पार्टी को सत्ता दिलाने में सबसे मजबूत स्तंभकार थे।

लेकिन इसका हश्र क्या हुआ। प्रसपा नेता ने दावा किया है कि शिवपाल सिंह यादव आज की तारीख में अखिलेश यादव को करीब 150 सीटों पर नुकसान कर सकते हैं। इसका खामियाजा 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भुगत चुके हैं। इसके बावजूद वे अगर अखिलेश अपनी जिद पर अड़े रहते हैं तो हम अकेले चुनाव में जाएंगे।

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