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शीला के दिए ‘करो या मरो’ नारे पर सपा भड़की

Sheela शीला के दिए 'करो या मरो' नारे पर सपा भड़की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की मुख्यमंत्री उम्मीदवार एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कांग्रेसजनों को दिया ‘करो या मरो’ का नारा सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को रास नहीं आया। सपा ने कहा, कांग्रेस को कुछ करने के लिए बचा ही क्या है। सपा ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने भी कांग्रेस की तरह जनता पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कभी कोई संघर्ष नहीं किया। साथ ही बसपा पर भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बसपा के पांच वर्ष के शासनकाल को प्रदेश की जनता अभी तक भूल नहीं पाई है।

Sheela Dixit

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बातचीत में कहा कि 27 वर्षो से सत्ता सुख से वंचित कांग्रेस की व्याकुलता थम नहीं रही है। अपनी बेहाली का प्रदर्शन तो वह सार्वजनिक रूप से पहले दिन ही कर चुकी है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रदेश के कांग्रेसजनों को ‘करो या मरो’ का अजीब नारा दे दिया है। पिछले कई दशकों में तो कांग्रेसजनांे ने कुछ किया नहीं और अब भी उनके लिए करने को कुछ बचा नहीं है। हारे थके लोग कैसा नेतृत्व करेंगे? इसलिए इस नारे का हश्र क्या होगा, इसकी कल्पना ही की जा सकती है।

चौधरी ने कहा कि भाजपा की स्थिति तो और भी गंभीर है। प्रदेशीय नेतृत्व पर इसके हाईकमान को विश्वास नहीं। इसलिए अब तक एक भी चेहरा संभावित मुख्यमंत्री पद के लिए वे जनता के सामने पेश नहीं कर पाए।

उन्होंने कहा कि अपने अंतर्कलह से जूझ रही भाजपा अब अपने प्रदेश अध्यक्ष के समानांतर एक बाहरी नेता को लाकर उनका स्वागत समारोह करने को विवश है। भाजपा ने भी कांग्रेस की तरह कभी जनता पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष नहीं किया। विरोध का नाटक करके वे लोगों को भ्रमित नहीं कर सकते।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता बसपा राज के उन पांच वर्षों को कभी भूल नहीं पाएगी। जब बसपा की मुख्यमंत्री के घर के दरवाजे ही नहीं, उनके घर तक जाने वाली सड़कों पर भी चलने की मनाही थी। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख की सवारी निकलने पर जनता और सिपाहियों तक को मुंह पीछे कर लेने की बाध्यता थी। तानाशाही के उन दिनों में सिर्फ लूट की छूट थी। भ्रष्टाचार का बोलबाला था। इससे त्रस्त जनता ने बसपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

चौधरी ने कहा कि अब दल के अंदर भी बसपा प्रमुख के खिलाफ बगावत हो रही है। चुनाव में टिकट नीलामी के राज का पूरी तरह पर्दाफाश हो चुका है।

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