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सावन में सांप को भूलकर भी न पिलाएं दूध वरना हो जाएगा पाप..

snake 1 सावन में सांप को भूलकर भी न पिलाएं दूध वरना हो जाएगा पाप..

सावन का महीना शुरू हो चुका है ये महीना भगवान शिव और उनके भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस महीने भगवान शिव से जुड़ी हुई हर चीज की खूब पूजा की जाती है। उन्हीं में से एक है सांप। नाग पंचमी के दिन सांप को दूध पिलाने की मान्यता है। लेकिन क्या आप जानते हैं सांप को दूध पिलाना कितना खतरनाक होता है।इस बार नागपंचमी 10 जुलाई और 25 जुलाई को है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ स्थानों पर सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी को तो कहीं कृष्ण पक्ष की पंचमी को नागपंचमी पर्व मनाते हैं।

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भविष्य पुराण के पंचमी कल्प में नागपूजा और नागों को दूध पिलाने का जिक्र किया गया है। मान्‍यता है कि सावन के महीने में नाग देवता की पूजा करने और नाग पंचमी के दिन दूध अर्पित करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और नागदंश का भय नहीं रहता है।यह भी मान्यता है कि नागों की पूजा से अन्‍न-धन के भंडार भी भरे रहते हैं। इसलिए यह परंपरा सदियों से चली आ रही है कि नागपंचमी के दिन नागों को दूध लावा अर्पित किया जाए।

इस परंपरा का लाभ उठाने के लिए नागपंचमी के मौके पर संपेरों की टोलियां लोगों के दरवाजे पर जाकर नाग के दर्शन करवाती है। दर्शन के बाद नाग देवता के लिए दूध लावा का दान मांगा जाता है।वहीं दूसरी तरफ विज्ञान सांपों को दूध पिलाने को लेकर बिल्कुल अगल ही तर्क देता है।वैज्ञानिकों का कहना है कि सांप का पाचन तंत्र ऐसा नहीं होता कि वह दूध को पचा सके। सांप मांसाहारी रेप्टाइल जीव है जबकि दूध का सेवन स्तनधारी करते हैं। ऐसे में सांप को दूध पिलाना एक तरह से उन्हें ही नुकसान पहुंचाने जैसा है।

जंतुओं के स्वभाव एवं उनके गुणों पर काम करने वाले विशेषज्ञ, डॉक्टर्स और खुद सपेरे भी स्वीकार करते हैं कि सांप का शरीर इस प्रकार का नहीं होता है कि वह दूध पी सके। अगर सांप ने दूध पी लिया तो उनकी आंतों में इंफेक्शन हो जाता है और वह जल्द ही वह मर जाते हैं।
इसके साथ ही डॉक्टरों का कहना है कि, सपेरे नाग पंचमी से पहले कोबरा सांपों को पकड़कर उनके दांत तोड़ देते हैं और जहर की थैली निकाल लेते हैं। इससे सांप के मुहं में घाव हो जाता है।

इसके बाद सपेरे सांप को करीब 15 दिनों तक भूखा रखते हैं। नागपंचमी के दिन वे घूम-घूमकर इसे दूध पिलाते हैं। दरअसल, सांप दूध नहीं पीता, वह तो मांसाहारी जीव है। भूखा सांप दूध को पानी समझकर पीता है। सांप जो दूध पानी समझकर पीता है, उससे पहले से बने घाव में मवाद बन जाता है और पंद्रह दिन के अंदर उसकी मौत हो जाती है।

इसलिए जहां तक हो सके इन जीवों की हत्या से खुद को बचाएं और ये बात दूसरों को भी बताएं। आपका ऐसा करना इन जीवों के जीवनदान दे सकता है।

 

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