snake 3 दुनिया को कोरोना में फंसाकर चीन क्यों कर रहा जहरीले सांपों की खेती?

दुनिया के नक्शे में चीन एक ऐसा देश बन चुका है। जो अपनी अजीबों गरीब हरकतों के लिए जाना जाता है। चीन सिर्फ दुनिया का इकलौता सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला ही देश नहीं बल्कि दूसरों के लिए हमेशा मुसीबत खड़ी करने वाला देश भी है। तभी तो आज चीन की काली करतूत कोरोना वायरस को पूरी दुनिया भुगत रही है।

snake 2 दुनिया को कोरोना में फंसाकर चीन क्यों कर रहा जहरीले सांपों की खेती?
इस बीच चीन से ही एक ऐसी खबर सामने आ रही है। जिसने सबको चौंका के रख दिया है। जी हां चीन में सांपों की खेती होती है।जिसिकियाओ नाम के इस गांव के लोग सांपों की खेती पर निभर्र हैं। इस गांव का हर दूसरा शख्स इस काम से जुड़ा हुआ है। जिसिकियाओ में 30 लाख से ज्यादा जहरीले सांपों की वैरायटी पाई जाती है। इस फार्मिंग में किंग कोबरा, अजगर और जहरीले वाइपर समेत कई जहरीले सांप पाले जाते हैं।

यहां सांप की खेती उनके मांस और शरीर के अन्य अंगों के लिए की जाती है। सांप का मीट चीन में शौक से खाया जाता है। साथ ही सांपों के शरीर के अंगों का उपयोग दवाओं के निर्माण में भी होता है।जिसिकियाओ गांव पूरे विश्व में स्नेक फार्मिंग के कारण जाना जाता है। हालांकि यहां पहले चाय, जूट और कपास की खेती होती थी, लेकिन आज यहां प्रमुख कार्य सांप की खेती है।
रॉयटर्स के मुताबिक यहां स्नेक फार्म में लकड़ी और शीशे के छोटे-छोटे बक्सों में सांप पाले जाते हैं. जब सांप के बच्चे बड़े हो जाते हैं तो उन्हें प्लास्टिक की थैलियों में भरकर एक से दूसरी जगह ले जाया जाता है ताकि बढ़ने के लिए पूरा स्पेस मिल सके।

सर्दियों की शुरुआत तक इनकी बढ़त पूरी हो चुकी होती है, तब इन्हें बूचड़खाने ले जाया जाता है, जहां सांपों की किस्म और उनके उनके इस्तेमाल के आधार पर अलग-अलग सेक्शन होते हैं। जहरीले सांपों का सबसे पहले जहर निकालकर लैब में संरक्षित करते हैं और फिर शरीर के दूसरे हिस्सों का इस्तेमाल होता है।

जहरीले सांपों की खेली की किसने की शुरूआत?
गांव के बुजुर्ग यांग नाम के शख्स को सबसे पहले सांपों को पैदा करने का खयाल आया था। अस्सी के दशक में उसने अपनी जमापूंजी लगाकर एक स्नेक फार्म बनाया और धीरे-धीरे गांववालों को भी ये काम सिखाया।

अब गांव में तीन उद्देश्यों के लिए अलग-अलग तरीके से सांपों का प्रजनन होता है। एक हिस्से में सिर्फ वाइपर सांप पैदा किए जाते हैं ताकि उनका जहर बेचा जा सके। एक हिस्सा ऐसे सांपों की पैदावार के लिए है, जिनका मांस खाना पसंद किया जाता है और एक हिस्से में सांपों की स्किन, आंखों और ब्लैडर से दवा बनाने के लिए ब्रीडिंग कराई जाती है।

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चीन के इस गांव में हर साल हजारों की संख्या में लगो यहां पहुंचते हैं। जो लोग सांपो पालना पंसद करते है या फिर दवाई बनाने के लिए सांपों को लेने पहंचते हैं।

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