अगर आपको भी नहीं आती नींद तो हो सकते हैं इस बिमारी का शिकार

नई दिल्ली। अगर आपको भी समय पर नींद नहीं आती और आप सुबह उठकर आप फ्रेश फील नहीं करते ? दिनभर जम्हाई लेते रहते हैं? अगर आपको भी छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता हैं तो भी स्लीप सिंड्रोम बिमारी का शिकार हो सकते हैं एक रिसर्च के मुताबिक दुनियाभर के 4 फीसदी से अधिक लोग स्लीप सिंड्रोम बिमारी से ग्रस्त हैं।

अगर आपको भी नहीं आती नींद तो हो सकते हैं इस बिमारी का शिकार
अगर आपको भी नहीं आती नींद तो हो सकते हैं इस बिमारी का शिकार

अगर समय पर नींद नहीं आती बहुत ज्यादा गुस्सा आता हैं तो इसें नजरअंदाजस करना आपके लिए बहुत महंगा साबित हो सकता हैं नींद से जुड़ी ताजी रिसर्च के मुताबिक दुनिया में 27 फीसदी लोग सामान्य तौर पर 7 से 8 घंटे की नींद लेते हैं, वहीं 6 से 7 घंटों तक सोने वाले लोगों का प्रतिशत भी 27 ही है। नींद की समस्या इससे कम सोने वाले लोगों के साथ है। दुनिया में 32 फीसदी लोग महज 5 से 6 घंटे ही सो पाते हैं। जिस वजह से अधितकर लोग स्लीप सिंड्रोम बिमारी का शिकार हो रहे हैं। स्लीप सिंड्रोम बिमारी  का शिकार ज्यादातर लोग इसलिए होते हैं क्योकि वो समय पर अपनी नींद नहीं लेते है।

क्यो नींद पूरी करनी हैं जरूरी

  • अगर आप अपनी नींद पूरी तरह से लेते हैं तो आप ना सिर्फ इस बिमारी से बचेंगे बल्कि आपको इसके कई तरह के लोग भी मिलेगं जैसें-अगर आप भी अपनी याददाश्त को तेज बनाना चाहते हैं तो फिर सारी चिंताओं को छोड़ कर अच्छी और भरपूर नींद लें। अच्छी नींद आपकी मेमरी क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होती है।
  • अक्सर जब हम घर या ऑफिस में कुछ काम कर रहे होते हैं तो कभी-कभी हमें झपकी आने लगती है। अगर आपको भी झपकी आए तो उसे रोकें नहीं बल्कि आने दें, क्योंकि झपकी आना एक तरह से पावर नैप है जो सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है।
  • ठीक से नींद न आने पर अगली सुबह ब्लड शुगर, भूख नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन और तनाव बढ़ाने वाले हॉर्मोन कोर्टिजोल की मात्रा बढ़ जाती है। लंबे समय तक नींद की गोलियों का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है। इन दवाओं के अधिक इस्तेमाल से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है।