बाल गृह में बच्चों की देख-रेख के लिए उत्तराखंड सरकार ने किया SIT का गठन, टीम ने पेश किया स्टाफ की लापरवाहियों का ब्योरा

बाल गृह में बच्चों की देख-रेख के लिए उत्तराखंड सरकार ने किया SIT का गठन, टीम ने पेश किया स्टाफ की लापरवाहियों का ब्योरा

अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक( अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड) ने बताया कि जनपद देहरादून के राजकीय बाल गृह(शिशु सदन)/राजकीय बालिका निकेतन में कई माह से बालक-बालिकाओं के साथ हो रही विभिन्न घटनाओं तथा बाल गृह में निवास कर रहे बालक-बालिकाओं की देख-रेख में सदन के स्टाफ द्वारा की जा रही लापरवाही की जांच/विवेचना हेतु पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड द्वारा जया बलूनी, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद देहरादून के नेतृत्व में विशेष अन्वेषण दल(SIT) का गठन किया गया था।

 

 

विशेष अन्वेषण दल(SIT) द्वारा साक्ष्यों एवं दस्तावेजो का विश्लेषण कर विवेचना पूर्ण करते हुये माह मई 2018 में तीन प्रकरणों में अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है, जिसका विवरण निम्नवत हैः-

1- वर्ष 2014 में शिशुनिकेतन में प्रवास के दौरान मौली उम्र 03 वर्ष का कमर से नीचे पिछला हिस्सा जल गया था- इस घटना के सम्बन्ध में तत्कालीन केयर टेकर शान्ति के विरूद्घ धारा 338 भादवि व 75 (3) जे0जे0एक्ट में एवं फार्मसिस्ट हरीकिशन सेमवाल के विरुद्घ धारा 471 व 75 जे0जे0एक्ट में दिनांक 29 मई 2018 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया है तथा तत्समय अधीक्षिका अंजना गुप्ता एवं कार्यकारी अधीक्षिका शशीकान्ता शाह के विरुद्ध कार्यों में उदासीनता एवं लापरवाही के चलते विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।

2- मास्टर अक्षत उम्र 02 माह की आकस्मिक मुत्यु के सम्बन्ध में- तत्कालीन केयर टेकर सुशीला के विरूद्ध ड्यूटी कार्यों में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने के सम्बन्ध में धारा 304(ए)भादवि व 75 (3) जे0जे0एक्ट में दिनांक 21 मई 2018 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया है।

3- शाम्भवी उम्र 02 माह की मुत्यु- इस घटना के सम्बन्ध में तत्कालीन केयर टेकर रेवती के विरूद्घ ड्यूटी में लापरवाही बरतने के सम्बन्ध में विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।