सिद्धू ने किया मजीठिया को माफ, लगे थे अवैध खनन के आरोप

होशियापुर। पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अवैध खनन के मामले में फंसे पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के लिए न सिर्फ क्लीच चिट का रास्ता तैयार कर लिया है बल्कि पिछले 10 सालों में खनन माफिया द्वारा प्रदेश में लूटे गए सारे माल को भी माफ कर दिया है। सिद्धू का कहना है कि हमे दबे हुए मुर्दों को उखाड़ना नहीं चाहते। उन्होंने अवैध खनन से जुड़े जो आकड़े पेश किए हैं उसके मुताबिक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान खनन माफिया 42 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था।

सिद्धू ने अवैध खनन से जुड़ी पॉलिसी को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार से होशियारपुर के दौरे पर गए हुए हैं। दौरे के बाद बुधवार को उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मजीठिया पर जो आरोप लगे हुए हैं उन सभी पर हम उन्हें माफ कर रहे हैं क्योंकि हम आगे की सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम पंजाब में ऐसी खनन पॉलिसी लाने वाले हैं जिससे पूरे पंजाब में खनन माफिया का पत्ता ही साफ हो जाएगा।

गौरतलब है कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान सिद्धू  समेत तमाम कांग्रेसी नेता मजीठिया को खनन माफिया से जोड़कर उन पर निशाने साधते रहे और कहते रहे कि जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो इनसे खनन का एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा। वहीं सिद्धू ने तेलंगाना का हवाला देते हुए कहा कि वहां गोदावरी नदी के 350 किलोमीटर के क्षेत्र में खनन व्यापार कर तेलंगाना सरकार मुनाफा कमाती है,जिसका उसे 1400 करोड़ का फायदा होता है। 

उन्होंने बताया कि जब वो तेलंगाना गए थे तो उस समय तेलंगाना सरकार को 11 दिन का 43 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। तेलंगाना के मुकाबले पंजाब में सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर दरियाओं के 1150 किलोमीटर एरिया में खनन होता है। इस हिसाब से पंजाब को हर साल 4200 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलना चाहिए था। सिद्धू ने कहा कि नई खनन पॉलिसी 90 फीसदी तैयार हो चुकी है और 10 फीसदी भी जल्दी पूरी करके वह अपनी रिपोर्ट सरकार को सबमिट कर देंगे।

उन्होंने कहा कि पॉलिसी में सिर्फ क्रशरों का पार्ट रह गया है और इसीलिए वह होशियारपुर आए हैं क्योंकि जिले में स्टोन क्रशरों को लेकर काफी संभावनाएं हैं और इसके दोहन से सरकार का रेवेन्यू बढ़ेगा। सिद्धू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि चिट्‌टे मामले में उन्होंने मजीठिया को क्लीन चिट नहीं दी और कहा कि एसटीएफ की रिपोर्ट के मामले पर वह अभी भी अपनी बात पर कायम हैं जिसमें मजीठिया बुरी तरह फंसते हैं।