September 26, 2022 9:01 am
जम्मू - कश्मीर भारत खबर विशेष

कश्मीर में निकाली गई भगवान कृष्ण की शोभायात्रा, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी खुलकर लिया हिस्सा

Janmashtami कश्मीर में निकाली गई भगवान कृष्ण की शोभायात्रा, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी खुलकर लिया हिस्सा

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद घाटी की स्थिति में सुधार होता दिख रहा है। आपको बता दें कि जन्माष्टमी के मौके पर कश्मीर से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जो बदलाव का सबूत देती हैं। घाटी में कई सालों बाद ऐसा देखने को मिला है कि जन्माष्टमी के मौके पर कश्मीरी पंडितों ने भगवान कृष्ण की शोभायात्रा निकाली और इसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया।

images 4 1200x640 1 कश्मीर में निकाली गई भगवान कृष्ण की शोभायात्रा, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी खुलकर लिया हिस्सा

मालूम हो कि श्रीनगर की सड़कों पर उस समय हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली जब कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों ने भगवान कृष्ण की शोभायात्रा निकाली। इस शोभायात्रा में कश्मीरी पंडितों के साथ मुस्लिम समाज के भी लोगों ने बड़ी खुशी के साथ भाग लिया। इस शोभायात्रा का शहर के बीचो-बीच लाल चौक में समापन हुआ। इस दौरान लोग बेखौफ नजर आए और उनके चेहरे पर खुशी भी देखी गई। इस यात्रा में भगवान कृष्ण की फूलों से सजी झांकी निकाली गई।

ये भी पढ़ें —

जम्मू कश्मीर में लागू हुए यह कानून, हुआ भारी बदलाव 

इस यात्रा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में भगवान कृष्ण के भक्ति संगीत पर कश्मीरी रिवायती नृत्य भी किया। हाथों में ढोलक और घंटियां लिए भगवान कृष्ण के बहुत सारे भक्तों ने भजन गाकर इस शोभा यात्रा में भाग लिया। बता दें कि श्रीनगर के हब्बा कदल में स्थित कत्लेश्वर मंदिर से यह शोभायात्रा निकाली गई जो कि तकरीबन श्रीनगर शहर के प्रमुख मोहल्लों से गुजरते हुए लाल चौक से निकाली गई। इस दौरान सुरक्षा के भी काफी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

kv kashmir janmasthmi 1 202108215756 1200x640 कश्मीर में निकाली गई भगवान कृष्ण की शोभायात्रा, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी खुलकर लिया हिस्सा

इस अवसर पर कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों का कहना था कि यह यात्रा पहले भी निकाली जाती थी, पर पिछले कुछ वर्षों में खराब हालात और फिर कोरोना संक्रमण के चलते झांकी नहीं निकाली जा सकी। कश्मीर घाटी में 90 के दशक में शोभायात्रा नहीं निकली जाती थी लेकिन फिर साल 2004 से एक बार फिर से शोभायात्रा शुरू की गई, और इस बार भी कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच यात्रा समाप्त हुई।

Related posts

नास्त्रेदमस ने 500 साल पहले ही कर दी थी उल्का पिंड और कोरोना की तबाही की भविष्यवाणी..

Mamta Gautam

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का नहीं हो रहा गायन, नगर निगम में मचा हाहाकार

bharatkhabar

अयोध्या विवाद में कब-कब क्या क्या हुआ…

piyush shukla