bjp shiv sena शिवसेना की रणनीति, अमित शाह के कहने पर उद्धव ठाकरे से मिले प्रशांत किशोर

मुंबई। महाराष्‍ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच संबंध सहज नहीं चल रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में दोनों साथ चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इसको लेकर अभी स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं है। इस बीच बीजेपी के सूत्रों ने दावा किया है कि शिवसेना के साथ राजनीतिक रणनीतिकार और जनता दल यूनाइटेड के नेता प्रशांत किशोर को जोड़ने का आइडिया बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह की ओर से आया था। उधर, विश्‍लेषकों का मानना है कि शिवसेना ने ‘पीके’ को साथ लाकर एक खास प्‍लान पर काम करना शुरू कर दिया है। कुछ समय पहले ही जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने शाह के ही सुझाव पर प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी का उपाध्‍यक्ष बनाया है। बीजेपी के एक सूत्र ने कहा, ‘अमितभाई मानते हैं कि प्रशांत किशोर बेहद स्‍मार्ट हैं और उनके अंदर सौदेबाजी की कला बहुत अच्‍छी है। साथ ही शाह चाहते हैं कि बीजेपी और शिवसेना के बीच रिश्‍ते सुधरें।’

bjp shiv sena शिवसेना की रणनीति, अमित शाह के कहने पर उद्धव ठाकरे से मिले प्रशांत किशोर

बता दें कि इससे पहले बुधवार को जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र में शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मिलने उनके आवास मातोश्री पहुंचे थे। प्रशांत किशोर की उद्धव ठाकरे के साथ हुई मीटिंग को लेकर सियासी दलों में कयासों का दौर शुरू हो गया। कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए शिवसेना का कैंपेन प्लान कर सकते हैं।

किशोर को 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी के साथ ‘चाय पे चर्चा’ जैसी अभियान शुरू करने का श्रेय दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि किशोर की चुनावी रणनीतियों ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शानदार जीत हासिल करने में मदद की। उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद किशोर ने जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘एनडीए के हिस्से के तौर पर हम आगामी लोकसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने में मदद और इससे भी आगे के लिए महाराष्ट्र में आप जैसी शक्ति के साथ जुड़ने के लिए उत्साहित हैं।’

किशोर ने शिवसेना की युवा इकाई के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे की ‘मातोश्री’ में उनका स्वागत करने वाली तस्वीर को भी रिट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘उद्धवजी आपकी मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद।’ इससे पहले दोपहर में, आदित्य ने ट्वीट किया था, ‘आज उद्धव ठाकरे जी और मैंने एक खास व्यक्ति के साथ दोपहर का भोज किया। प्रशांत किशोर के साथ अच्छी बातचीत हुई। चुनावी रणनीतिकार के रूप में मशहूर प्रशांत किशोर (पीके) शिवसेना को यह जनरल नॉलेज (जीके) देंगे कि आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना का मुख्यमंत्री कैसे बने। उन्होंने शिवसेना सांसदों को चुनाव जीतने के लिए चुनावी गुर भी बताए। शिवसेना के सूत्रों का कहना है कि पीके की यह मुलाकात लोकसभा चुनाव के लिए नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव के बारे में थी।

शिवसेना के पास विधानसभा चुनाव जिताने वाला कैडर है, लेकिन चुनाव जीतने में मददगार कैंपेन प्लानर नहीं हैं। इसके लिए शिवसेना ने पीके की इलेक्शन सॉल्यूशन कंपनी आईपैक की सेवा लेने की तैयारी काफी पहले से की थी। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि बीजेपी के ‘एक बूथ 50 यूथ’ और ‘शक्ति केंद्र’ का चुनावी मैकेनिज्म बीजेपी के वॉर रूम से पीके ही संचालित कर रहे हैं। वैसे भी पीके का पेशेवर ट्रैक रेकॉर्ड अलग-अलग चुनाव में अलग-अलग पार्टियों के लिए काम करने का रहा है।

सबसे पहले मोदी के लिए चुनाव प्रबंधन करके चर्चा में आए पीके अब तक बिहार में नीतीश कुमार के जेडीयू, यूपी में समाजवादी पार्टी और पंजाब में अमरिंदर की कांग्रेस के लिए पेशेवर रूप से काम कर चुके हैं। दरअसल, अब पीके के टिप्स की मदद से शिवसेना अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीट जीतना चाहती है। खबर यह भी आई है कि शिवसेना ने लोकसभा चुनाव में गठजोड़ से पहले यह शर्त रखी है कि अगली बार उनका सीएम होगा। बताया जा रहा है कि दोनों ही दल 24-24 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे वहीं विधानसभा चुनाव में भी उनके 114-114 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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