शिकंजा: रोटोमैक के मालिक कोठारी के घर सीबीआई की छापेमारी, दर्ज किया केस

कानपुर। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक में हुए साढ़े 11 हजार करोड़ के घोटाले के सामने आने के बाद ईडी और सीबीआई एक्शन में नजर आ रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर शिकंजा कसा है। कोठारी पर भी बैंकों को करोड़ो रुपये का चूना लगाने का आरोप लगा है। यहीं नहीं कोठारी की पिछले दिनों भारत से भाग जाने की भी खबरे सामने आई थी, लेकिन उन्होंने इस बात का उस दौरान खंडन कर दिया था। सीबीआई ने कोठारी कर कार्रवाई करते हुए कानपुर स्थित उसके तीन ठिकानों पर छापेमारी करते हुए 800 करोड़ के बैंक लोन मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और पूछताछ के लिए कोठारी को अपने साथ ले गई।

दरअसल भगोड़े नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बाद रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी बैंकों को करोड़ा का चना लगाने के मामले में सुर्खियों में आए हैं। हालांकि रविवार को वो कानपुर में एक शादी समारोह में नजर आए थे। इस मामले का पता चलते ही सीबीआई कोठारी के घर पहुंच गई और कानपुर के तिलक नगर में स्थित उनके घर में छापेमारी की। सोमवार रात एक बजे विक्रम कोठारी का घर खंगाला गया। इस दौरान पुलिस ने उनके घर में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
कानपुर के रहने वाले विक्रम कोठारी पर आरोप है कि उन्होंने इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सरकारी बैंकों से लोन लिया।

लोन लेने के साल बाद उन्होंने ना तो मूलधन चुकाया और ना ही उस पर बना ब्याज बैंक को दिया। पिछले साल बैंक ऑफ बड़ौदा ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया था। कंपनी बैंक के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट गई। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए बैंक को आदेश दिया कि कंपनी का नाम विलफुट डिफॉल्टर लिस्ट से बाहर किया जाए।